टोंक शहर में पुलिस, जिला प्रशासन और नगर परिषद प्रशासन एक्शन मोड पर है। जिला प्रशासन और नगर परिषद की संयुक्त में अवैध रूप से संचालित 7 कैफे को सीज कर दिया है। इसको लेकर शहर में कैफे संचालकों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन और नगर परिषद की संयुक्त चैकिंग की कार्रवाई में कुछ जगह कैफे में उपलब्ध करा रखी केबिन में युवक-युवतियां बैठे मिले। पुलिस ने अलग से केबिन उपलब्ध कराने को गंभीर माना। हालांकि, लड़के-लड़कियां प्रशासन की सख्ती को देखकर भाग छूटे। छात्रा को दी थी धमकी 26 सितंबर को कोतवाली क्षेत्र में कोचिंग से पढ़कर घर लौट रही छात्रा से उस समय रास्ते में असामाजिक तत्व रोक कर उसके साथ छेड़छाड़ की। धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने की धमकी दी। बात नहीं मानने पर तेजाब फेंककर चेहरा खराब करने की धमकी दी। उसके बाद वह भागकर वापस कोचिंग गई और निदेशक को आपबीती बताई। इसी दौरान 20-25 लड़के कोचिंग में आए और कोचिंग निदेशक के साथ मारपीट की। यह मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि कोतवाली क्षेत्र में ही एक अन्य छात्रा से रास्ते में छेड़छाड़ करने का प्रयास करता था। उसका इंस्टाग्राम पर फोटो वायरल करने की धमकी देता था। संगठनों ने की थी शिकायत उसके बाद से आए दिन हिंदू संगठनों के लोग धरना, प्रदर्शन कर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों ने पुलिस व प्रशासन से यह भी शिकायत की थी कि शहर में कई ऐसे कैफे हैं जहां अवैध तरीके से छात्राओं के साथ अभद्रता होती है। इसमें कैफे संचालक की भूमिका भी संदिग्ध है, वे रुपयों के लालच में युवक युवतियां को अलग से केबिन उपलब्ध कराते हैं। इससे नाबालिग लड़कियों को बरगलाकर उनका कई तरह से असामाजिक तत्व शोषण करते है। 7 कैफे सीज किए बुधवार को भी इस कड़ी में नगर परिषद के आयुक्त धर्मपाल जाट और SDM हुक्मीचंद रोलानिया ने पुलिस जाब्ते के साथ करीब एक दर्जन कैफे की चेकिंग की। इस दौरान 7 कैफे अवैध रूप संचालित पाए गए। उनमें अवैध गतिविधियां पाई गई। इस पर 7 कैफे सीज कर दिए है। टोंक SDM हुक्मीचंद रोलानिया ने बताया कि आज शहर के सात कैफे अवैध रूप से मिलने आदि के कारण सीज कर दिए हैं। इन कैफे को किया सीज:
