अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ वॉर से जयपुर के करीब 100 ज्वैलर्स के 100 करोड़ डूबने की आशंका है। इन ज्वैलर्स ने अमेरिका के एरिजोना में होने वाले ट्यूसन शो में हिस्सा लेने के लिए स्टॉल बुक किए हैं। इसके लिए प्रति बूथ करीब एक करोड़ रुपए खर्च होगा। ऐसे में अगर ट्रम्प द्वारा भारत पर टैरिफ मौजूदा 50% से बढ़ाकर 500% तक किया जाता है, तो हर बूथ पर ज्वैलर्स को 60-70% तक नुकसान हो सकता है। बता दें कि यह शो 15 जनवरी से 15 फरवरी तक होगा। इसमें नए कलेक्शन व डिजाइन पेश किए जाते हैं। पिछले शो में जयपुर के जौहरियों को लगभग एक हजार करोड़ रुपए के ऑर्डर मिले थे। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के मुताबिक, इस शो में देश से लगभग 225 ज्वैलर हर साल हिस्सा लेते हैं। इनमें अधिकांश जयपुर के होते हैं। कई ज्वैलर चार-पांच बूथ तक भी बुक कराते हैं। उधर, ज्वैलर्स का कहना है कि अतिरिक्त टैरिफ की धमकी से स्टॉल बुक करा चुके ज्वैलर असमंजस में हैं। अगर टैरिफ 70% या इससे अधिक हो जाता है, तो अमेरिका को रत्नाभूषण निर्यात मुश्किल हो जाएगा। एक बूथ की बुकिंग 20 से 25 लाख रुपए में होती है। इसकी सजावट पर करीब 8 लाख रुपए खर्च हो जाते हैं। अन्य खर्च मिलाकर इसकी लागत एक करोड़ रुपए तक पहुंच जाती है। राजस्थान के 7000 करोड़ के रत्नाभूषण निर्यात पर भी असर पिछले वित्त वर्ष में राजस्थान से 97,171 करोड़ रुपए के उत्पादों का निर्यात हुआ था। इनमें इंजीनियरिंग सामान, जवाहरात, आभूषण, कपड़ा व रेडीमेड गारमेंट, हैंडीक्राफ्ट और इमारती पत्थर का योगदान 65 से 70% रहा। प्रदेश के कुल निर्यात का करीब 20% अमेरिका को होता है। ऐसे में प्रदेश के 18-20 हजार करोड़ रुपए के निर्यात पर असर की आशंका है। टैरिफ वॉर का सबसे ज्यादा असर राजस्थान के 7000 करोड़ रुपए के रत्नाभूषण निर्यात पर पड़ेगा। टैरिफ बढ़ा तो अमेरिकी हमसे आभूषण नहीं खरीदेंगे “अमेरिका में 50 फीसदी टैरिफ के कारण पहले से ही हमारे रत्न व आभूषण महंगे हो चुके हैं। आगे टैरिफ बढ़ता है तो हमारे उत्पाद और महंगे होंगे और अमेरिकी खरीदार हमसे खरीद नहीं करेंगे।” -नीरज लूणावत, महासचिव, ज्वैलर्स एसोसिएशन, जयपुर “पिछले साल हुए शो में एक हजार करोड़ रुपए से अधिक के ऑर्डर हमें मिले थे, लेकिन मौजूदा हालात में यह घटकर 30-40 फीसदी ही रहने की आशंका है। यही हाल रहा तो बूथ की लागत वसूलना कठिन हो जाएगा। नकदी प्रवाह पर दबाव पड़ेगा।” -गोविंद गुप्ता, रत्न निर्यातक “टैरिफ के कारण राजस्थान का 20 हजार करोड़ रुपए का निर्यात संकट में है। रत्नाभूषण के अलावा क्वार्ट्ज पत्थर, हैंडीक्राफ्ट, इंजीनियरिंग गुड्स और रेडीमेड गारमेंट समेत कई उत्पादों का निर्यात प्रभावित होगा। अभी प्रदेश के निर्यात में अमेरिका की 20 फीसदी हिस्सेदारी है।” -सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फोर्टी
