प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ राजस्थान पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपा। पुलिस मुख्यालय पर मीडिया को नेता प्रतिपक्ष ने कहा- जब पूरा प्रदेश देख रहा था कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, तब भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस का उपयोग पार्षदों को पकड़ने और निष्पक्ष प्रक्रिया को प्रभावित करने में किया गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ मैंने डीजी से भेंट कर मामले की शिकायतों के प्रमाण सौंपे हैं। उन्होंने सवाल उठाया- 70 साल के राजस्थान के गौरवशाली इतिहास में जिस पुलिस वर्दी पर कभी दाग नहीं लगा, आखिर कौन लोग हैं, जो राजनीतिक दबाव में उस पर दाग लगाने का काम कर रहे हैं? प्रदेश में चाहे सरकार कांग्रेस की रही हो या भाजपा की, लेकिन इस स्तर की धांधली, प्रशासनिक गड़बड़ी और पुलिस को ‘पार्षद पकड़ने की मशीन’ बनाने का काम इतिहास में कभी नहीं हुआ। टीकाराम जूली ने कहा- प्रदेश की जनता भ्रष्ट और बेईमान तत्वों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी। ईमानदार नेतृत्व को आगे लाकर काम करने का अवसर देगी, जिससे लोकतंत्र का चीरहरण करने वालों को करारी शिकस्त मिलेगी। खाटू में सीआई, डीएसपी को हटाया खाटूश्यामजी प्रकरण का जिक्र करते हुए जूली ने कहा- खाटू में तैनात सीआई, डीएसपी, एसडीएम और एसपी को अचानक हटा दिया गया। इसका सीधा और स्पष्ट कारण यही है कि वे प्रशासनिक अधिकारी भाजपा का बोर्ड नहीं बनवा पाए, जबकि जहां बोर्ड बन गया, वहां के अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह दोहरा रवैया और राजनीतिक बदले की भावना भाजपा सरकार के तानाशाही रवैये को पूरी तरह उजागर करती है।