अवैध निर्माण पर सख्ती के दावों के बीच नियमों को ठेंगा दिखाने वालों पर अब जेडीए ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गांधीनगर मोड़ पर अवैध बनी होटल बिल्डिंग को जेडीए ने एक बार फिर सील कर दिया। शंकर मिष्ठान भंडार की इस इमारत को दो साल पहले भी अवैध पाए जाने पर सील किया था, तब निर्माणकर्ता कोर्ट गया और अवैध निर्माण हटाने का शपथ पत्र देकर सील खुलवा ली, लेकिन तय समय में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। पुनः जांच में नियमों की खुली अवहेलना सामने आने पर जेडीए ने इस तीन मंजिला इमारत में बने 32 कमरों और बैंक्वेट हॉल को री-सील कर दिया। डीआईजी राहुल कोटोकी के निर्देश पर जोन-14 से रिपोर्ट मिलने के बाद प्रवर्तन उपनियंत्रक इस्लाम खान इंजीनियरिंग टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सीलिंग की कार्रवाई की। लालकोठी तक अतिक्रमण हटाए
जेडीए दस्ते ने सहकार मार्ग से लालकोठी, लक्ष्मी मंदिर चौराहा से टोंक रोड अंडरपास तक रोड सीमा में करीब 45 स्थानों से अस्थायी अतिक्रमण हटवाए। वहीं लक्ष्मी मंदिर सिनेमा के पीछे इण्डियाना होटल के सामने व आसपास फुटपाथ पर करीब 40 अतिक्रमण भी हटाए गए। तीन दिन पहले इसी बिल्डिंग में संचालित शंकर मिष्ठान भंडार से गाजर का हलवा खाने के बाद करीब 12 पुलिसकर्मी और अधिकारी बीमार पड़ गए थे। पेट दर्द और उल्टी की शिकायत पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले के बाद जयपुर सीएमएचओ की टीम ने सैंपल भी लिए थे। जोन-14; कृषि भूमि पर काट रहे थे कॉलोनी, तीन जगह कार्रवाई
जेडीए प्रवर्तन शाखा ने जोन-14 में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना स्वीकृति विकसित की जा रही तीन अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया। वाटिका, सिमलिया रोड पर क्रिस्टल रॉयल के सामने करीब 2 बीघा कृषि भूमि, बिलवा में 1 बीघा कृषि भूमि, सीतापुरा में 1 बीघा कृषि भूमि पर जमीन समतल कर ग्रेवल सड़कें डालकर कॉलोनी बसाने का प्रयास किया जा रहा था। भास्कर नॉलेज- क्या कहता है जेडीए का एसओपी जेडीए के अनुसार अवैध बिल्डिंग डी-सील कराने के लिए निर्माणकर्ता को जोन रिपोर्ट के आधार पर अवैध निर्माण हटाने का शपथ पत्र देना होता है। नियमों के तहत 6 माह में अवैध निर्माण हटाना अनिवार्य है। हटाने के बाद जोन टीम सत्यापन कर अनुमति देती है। गैर-अनुमोदित योजना में डीएलसी की 25% राशि और अनुमोदित योजना में ₹50 प्रति वर्गफुट शुल्क लगता है। शपथ पत्र के बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाने पर प्रवर्तन शाखा पुनः सीलिंग करती है। यह बिल्डिंग बिना सेटबैक छोड़े बनाई गई थी।
