डीडवाना के श्रीझलारिया मठ में चल रहे ब्रह्मोत्सव के 5वें दिन भगवान मोहनी स्वरूप में विराजमान हुए। इस दौरान भक्तों को अमृत वितरण किया गया और देर रात परकाल लीला का मंचन होगा।
मंदिर से निकली भव्य सवारी बांगड़ परिवार के निवास पहुंची। यहां मदन गोपाल बांगड़, राजेंद्र बांगड़, विजय बांगड़ और रमेश बांगड़ सहित परिजनों ने भगवान का स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए। गोष्ठी और प्रसाद वितरण भी हुआ। सवारी बांगड़ जी के निवास से सुनारों की गली, गुदड़ी बाजार, कोट मोहल्ला, नृसिंह चौक, नागौरिया मठ, लाहोटियों की गली, गुरूजी की गली और मुन्दड़ों की गली से होते हुए वापस मंदिर पहुंची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान के दर्शन किए। संस्कृत कॉलेज के छात्रों ने किया वैदिक स्त्रोत पाठ
मंदिर परिसर में भव्य जल विहार का आयोजन हुआ। देर रात भगवान अश्व वाहन (परकाल लीला) पर विराजमान होकर परकाल लीला (चोर लीला) का मंचन करेंगे। इस लीला को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों ने वैदिक स्त्रोत पाठ किया। प्रधान अर्चक बाल मुकुन्द शर्मा और पुष्कर से पधारे श्रीधर स्वामी व उनके सहयोगियों ने भगवान का दिव्य श्रृंगार किया। देश-विदेश से आए भक्तों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने लीला का आनंद लिया। इस अवसर पर अनुराग जाजू (जयपुर), गोविन्द बजाज (जयसिंहपुर, महाराष्ट्र), सतीश चोटिया (इंदौर), नवीन हेडा (जोधपुर), ओम पसारी (फरीदाबाद), गोविन्द पसारी (नागपुर) और विष्णु पसारी सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह ब्रह्मोत्सव महाराज घनश्यामाचार्य के सानिध्य और युवराज स्वामीजी भूदेवाचार्य के निर्देशन में जारी है।