आईटीएटी रिश्वत कांड जयपुर | आयकर अपीलीय अधिकरण (आईटीएटी) जयपुर में रिश्वत लेकर फैसला देने के मामले में मंगलवार को ज्यूडिशियल मेंबर डॉ. एस. सीतालक्ष्मी और अधिवक्ता राजेंद्र सिंह सिसोदिया को सीबीआई कोर्ट ने मंगलवार को जेल भेज दिया। आरोपियों के खिलाफ एक बड़े रैकेट के प्रमाण मिले हैं। इनमें टैक्स से जुड़े मामलों में निर्णय बदलने के लिए करोड़ों रुपए के लेनदेन की जानकारी मिली है। सीबीआई ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के संदेह पर कारोबारी विजय गोयल और आईटीएटी के सहायक रजिस्ट्रार के.सी. मीणा से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में मनी ट्रेल और नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आईं। सीबीआई ने इस कार्रवाई के दौरान दिल्ली, जयपुर और अन्य शहरों में कुल 22 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी, जिसमें बड़ी मात्रा में कैश, डिजिटल डिवाइस, संदिग्ध दस्तावेज और टैक्स अपील से जुड़ी कई फाइलें बरामद की थीं। बरामद दस्तावेजों की जांच आईटीएटी के तकनीकी अधिकारियों की मदद से की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन अपीलों में निर्णय प्रभावित किए गए और कितनी रकम का लेनदेन हुआ। एजेंसी का दावा है कि मामला आयकर अपीलीय अधिकरण में प्रभावशाली नेटवर्क के जरिए फैसलों की दलाली का संगठित रूप था। मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना बताई जा रही है। जांच के लिए सीबीआई आरोपियों को फिर से रिमांड पर ले सकती है।
