उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने बेटिकट और अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे ने दिसंबर माह में विशेष अभियान चलाकर 18 हजार से अधिक यात्रियों को पकड़ा, जिनसे जुर्माने के तौर पर एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि वसूल की गई है। यह राशि दिसंबर महीने के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य से 17 लाख 5 हजार रुपए (करीब 21.11 प्रतिशत) ज्यादा है। जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के निर्देशन में चलाए गए इस सघन टिकट जांच अभियान के नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं। पकड़े गए मामलों की संख्या भी तय लक्ष्य से 762 अधिक रही है। जनरल टिकट लेकर स्लीपर में चढ़ने वालों की शामत यादव के अनुसार अभियान के दौरान जोधपुर मंडल के सभी रेल मार्गों और स्टेशनों पर औचक निरीक्षण किया गया। आंकड़ों के मुताबिक, कुल 18 हजार मामलों में से 11 हजार 294 यात्री पूरी तरह बिना टिकट यात्रा करते पकड़े गए। वहीं, 7 हजार 303 यात्री ऐसे थे जो ‘अनियमित टिकट’ पर सफर कर रहे थे। यानी ये यात्री सामान्य श्रेणी का टिकट लेकर आरक्षित कोच में चढ़ गए थे। इन सभी से रेलवे ने किराया और जुर्माने के रूप में 1 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की। इसके अलावा बिना बुक किए गए सामान के 7 मामलों में 3 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। पिछले साल के मुकाबले 32 लाख ज्यादा कमाई यादव ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार टिकट जांच में ज्यादा सख्ती बरती गई। नतीजतन, पिछले साल के मुकाबले इस बार 3338 अधिक मामले पकड़े गए, जिससे रेलवे को करीब 32 लाख रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ। डीआरएम ने इस उपलब्धि पर वाणिज्य विभाग और टिकट चेकिंग स्टाफ की सराहना की है। गंदगी फैलाने और धूम्रपान पर भी चला डंडा टिकट चेकिंग के साथ-साथ रेलवे ने ‘स्वच्छ रेल-स्वच्छ परिसर’ अभियान के तहत भी कार्रवाई की। ट्रेनों और स्टेशनों पर गंदगी फैलाने वाले 2 हजार यात्रियों से 2 लाख 17 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया। वहीं, नियमों को ताक पर रखकर सार्वजनिक स्थान पर बीड़ी-सिगरेट पीते पाए गए 58 यात्रियों से 11,500 रुपए का जुर्माना वसूल कर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई।