राजस्थान सरकार के महत्वाकांक्षी ‘राइजिंग राजस्थान’ विजन के तहत जोधपुर जल्द ही ड्रोन टेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस रिसर्च के एक प्रमुख हब के रूप में उभरेगा। डीप-टेक एजुकेशन और एयरोस्पेस नवाचार को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए जोधपुर के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में अत्याधुनिक ‘एयरोलैब एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रोन डिजाइन एंड डेवलपमेंट’ की स्थापना की जा रही है। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रशासन और जोधपुर के ही एक उभरते स्टार्टअप ‘ऋग्वैमानिकी टेक्नोलॉजीज’ के बीच एक समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किताबी पढ़ाई और इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों के बीच की खाई को पाटना है, ताकि युवा छात्रों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार किया जा सके। छात्रों को मिलेगी फ्री ट्रेनिंग, डीप-टेक रिसर्च पर फोकस इस प्रोजेक्ट के तहत कॉलेज परिसर में ही एक ‘एयरोलैब’ विकसित की जाएगी, जहां स्टूडेंट्स सीधे तौर पर ड्रोन आर एंड डी प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकेंगे। ऋग्वैमानिकी टेक्नोलॉजीज के संस्थापक जितेश त्रिवेदी ने इस साझेदारी के विजन को साझा करते हुए बताया कि इस सेंटर के जरिए कॉलेज के इच्छुक स्टूडेंट्स को ड्रोन टेक्नोलॉजी से जुड़े कोर्सेज तक फ्री एक्सेस प्रदान की जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि एयरोस्पेस और डीप-टेक क्षेत्रों में युवाओं के नए आइडियाज को सीधा प्लेटफॉर्म मिलेगा और वे खुद के रक्षा उपकरण व ड्रोन डिजाइन करने में सक्षम हो सकेंगे। डिफेंस सेक्टर को मजबूती: एंटी-ड्रोन तकनीक पर रहेगा जोर यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केवल कॉमर्शियल ड्रोन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका एक बड़ा फोकस राष्ट्रीय सुरक्षा और डिफेंस सेक्टर की जरूरतों पर भी होगा। विशेषकर सीमावर्ती जिला होने के कारण जोधपुर में ऐसी तकनीक का विकास रणनीतिक रूप से भी अहम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस लैब के माध्यम से राष्ट्र के रक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी’ विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण शोध किए जा सकेंगे। जोधपुर के आई-स्टार्ट इंक्यूबेशन सेंटर की उप निदेशक मनीषा चौहान का भी मानना है कि यह एमओयू मील का पत्थर साबित होगा, जो रीजन के अन्य स्टार्टअप्स को भी अपने-अपने क्षेत्रों में इसी तरह के नवाचार और शैक्षणिक संस्थानों के साथ पार्टनरशिप करने के लिए प्रेरित करेगा। समारोह पूर्वक एमओयू का औपचारिक उद्घाटन गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में इस एयरोलैब और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए एमओयू का औपचारिक उद्घाटन हाल में एक समारोह में किया गया। इस कार्यक्रम में गुरु कृपा आश्रम से कृपाराम महाराज और राजाराम महाराज ने विज्ञान व आध्यात्मिकता के गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। वहीं, बीएसएफ राजस्थान फ्रंटियर के आईजी एम. एल. गर्ग ने देश की सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन तकनीक की जरूरत पर बल दिया। तकनीकी शिक्षा राजस्थान के निदेशक राजेश कुमार शर्मा ने छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु ऐसी उभरती प्रौद्योगिकियों से जोड़ने को समय की मांग बताया। आई-स्टार्ट इंक्यूबेशन सेंटर जोधपुर की उप निदेशक चौहान ने स्टार्टअप्स के लिए इस पहल की सराहना की। अंत में, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय माथुर ने छात्रों से इस सुविधा का लाभ उठाकर नए क्षेत्रों में नवाचार करने का आह्वान करते हुए कॉलेज प्रशासन की ओर से पूर्ण तकनीकी सहयोग का भरोसा दिलाया।
