डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय (DSRRAU) के अधीन संचालित पीजीआईए कॉलेज में सीनियर-जूनियर विवाद हो गया। विवाद की शुरुआत तब हुई जब जूनियर छात्रों ने मेस में सीनियर्स से पहले भोजन कर लिया और कथित तौर पर बातचीत के दौरान उन्होंने आंखें नीची नहीं कीं। इस पर बीएएमएस 2020 बैच के कुछ छात्रों ने बीएचएमएस 2024 बैच के जूनियर छात्रों के साथ मारपीट की। इसी बात को लेकर सीनियर्स ने पहले मौखिक तर्क-वितर्क किया और फिर जूनियर बीएचएमएस छात्रों के साथ हाथापाई और मारपीट की। होम्योपैथी 2021 बैच के कुछ छात्र जब बीच-बचाव करने आए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। होम्योपैथी कॉलेज के छात्रों को धमकाते रहते हैं
पीड़ित छात्रों ने एंटी-रैगिंग कमेटी में लिखित शिकायत दर्ज की, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी के कारण बीएएमएस छात्रों के हौसले बुलंद हैं और अपनी अधिक संख्या के कारण वे नवनिर्मित होम्योपैथी कॉलेज के छात्रों को धमकाते रहते हैं। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों
छात्रों का कहना है कि प्रशासन को सब कुछ पता होने के बावजूद चुप्पी साधी गई है। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। वहीं इस मामले को लेकर करवड़ थानाधिकारी लेखराज सिहाग ने बताया कि शुक्रवार को मारपीट के मामले को लेकर छात्रों ने परिवाद दिया था। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
