जैसलमेर में इस बार मार्च के शुरुआती 4 दिनों में ही सूरज ने अपनी तीखी तपिश से लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया है। बुधवार को जैसलमेर का अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है। आलम यह है कि मार्च के पहले हफ्ते में ही मई जैसी भीषण गर्मी का एहसास होने लगा है। 37 पार जा सकता है तापमान मौसम विभाग के अनुसार, आसमान पूरी तरह साफ होने और शुष्क पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने के कारण पारे में यह उछाल आया है। विशेषज्ञों का पूर्वानुमान है कि यदि आगामी दिनों में कोई मजबूत ‘पश्चिमी विक्षोभ’ सक्रिय नहीं हुआ, तो सप्ताह के अंत तक पारा 37 से 38 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर सकता है। अगले एक हफ्ते तक जैसलमेर और आसपास के इलाकों में ‘हीटवेव’ (लू) जैसे हालात बने रहने की आशंका है। दोपहर में सन्नाटा, ठंडे पेय पदार्थों की शरण सूरज की तल्खी का असर शहर की सड़कों पर साफ देखा जा सकता है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच पर्यटन स्थलों और मुख्य बाजारों में आवाजाही काफी कम हो गई है। लोग चेहरे को कपड़े से ढककर और छातों का सहारा लेकर बाहर निकल रहे हैं। अचानक बढ़ी इस गर्मी ने खान-पान की आदतों को भी बदल दिया है; बाजार में गन्ने का रस, लस्सी और मटके के पानी की मांग में भारी इजाफा हुआ है। डॉक्टरों की सख्त सलाह: लापरवाही पड़ सकती है भारी अचानक बढ़े पारे और बदलते मौसम के कारण वायरल बीमारियों और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए सलाह जारी की है: हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल में पानी पीते रहें। धूप से बचाव: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधे सूर्य की रोशनी में आने से बचें। आहार में बदलाव: मौसमी फल जैसे तरबूज, संतरा और ओआरएस (ORS) के घोल का सेवन करें।