जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर सनी देओल स्टारर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ का गाना ‘घर कब आओगे’ लॉन्च किया गया। BSF जवानों के बीच तनोट माता मंदिर के सामने ऑडिटोरियम में आतिशबाजी के साथ ‘घर कब आओगे’ गाने की लॉन्चिंग की गई। कार्यक्रम में पहले कलाकारों ने मशहूर राजस्थानी लोक गीत ‘केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देश’ की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद फिल्म का लोकप्रिय गीत ‘घर कब आओगे’ दिखाया गया, जिसने माहौल को भावनात्मक बना दिया। सनी देओल ने पिता धर्मेंद्र को याद किया
सनी देओल ने मंच से अपने पिता धर्मेंद्र देओल को याद किया। उन्होंने कहा- जब मैं एक्टर बना, तब मैंने तय किया था कि मैं भी पापा की तरह ही फिल्में करूंगा। सनी देओल ने कहा- मुझे अंदाजा नहीं था कि मेरी फिल्मों से युवाओं को इतना कॉन्फिडेंस मिलेगा कि वो सेना में भर्ती होने का फैसला कर लेंगे। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा- मैं ज्यादा कुछ नहीं कह पाऊंगा, क्योंकि इस वक्त मेरा दिमाग थोड़ा हिला हुआ है। इसके बाद सनी देओल पूरे जोश में तेज आवाज में बोले- आवाज कहां तक पहुंचनी चाहिए… लाहौर तक। उनके इस डायलॉग पर कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा। वरुण धवन बोले- कोई आंख उठाकर देखेगा तो हम जवाब देने में सक्षम
एक्टर वरुण धवन ने 1971 के युद्ध का जिक्र करते हुए देशभक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा-भारत अमन और शांति में विश्वास रखने वाला देश है, लेकिन ‘बॉर्डर’ जैसी फिल्मों का बनना बेहद जरूरी है। इससे देश के युवाओं को यह संदेश जाता है कि हम मजबूत हैं और जब भी कोई देश की ओर आंख उठाकर देखेगा, तो हम जवाब देने में सक्षम हैं। उन्होंने 1971 के युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा- जब हम दूसरे देश को आजादी दिला सकते हैं, तो अपने देश के लिए लड़ने में कभी पीछे नहीं हटेंगे। वरुण की इन बातों ने दर्शकों में जोश भर दिया और पूरा कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पाकिस्तानी सेना के गोले मंदिर को नहीं पहुंचा पाए नुकसान
लोंगेवाला युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना ने करीब 3 हजार हवाई और जमीनी गोले दागे थे, लेकिन तनोट माता के मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ था। उस समय दागे गए बम आज भी मंदिर परिसर में सुरक्षित है। 1971 के युद्ध के बाद BSF ही इस मंदिर की व्यवस्था संभालती है। सनी का BSF के जवानों से जुड़ाव
सनी देओल पिछले साल अप्रैल में फिल्म ‘जाट’ के प्रमोशन के दौरान तनोट माता मंदिर आए थे। यहां उन्होंने BSF के जवानों के साथ ‘गदर’ के गानों पर डांस किया और उनके साथ लंगर में खाना खाया था। मंदिर के पुजारियों और वहां तैनात जवानों का कहना है- सनी देओल यहां एक सुपरस्टार की तरह नहीं, बल्कि एक श्रद्धावान भक्त की तरह आते हैं। वे घंटों मंदिर के संग्रहालय में बिताते हैं, जहां 1971 के युद्ध की निशानियां रखी हैं। इसी जुड़ाव ने उनके भीतर के ‘बॉर्डर’ के किरदार ‘मेजर कुलदीप सिंह’ को आज भी जिंदा रखा है। भारत-पाक बॉर्डर पर ‘जाट’ और ‘गदर 2’ के प्रमोशन के समय की PHOTOS… ये खबर भी पढ़ें… बॉर्डर 2 का टीजर लॉन्च:धर्मेंद्र के निधन के बाद सनी का पहला फिल्म प्रमोशन का इवेंट, वरुण धवन-अहान शेट्टी भी पहुंचे ‘मैं निकला गड्डी लेके’ पर जैसलमेर में नाचे सनी देओल:BSF जवानों के साथ झूमे, ‘जाट’ के लिए तनोट माता के दरबार में मांगी मन्नत सरहद पर सनी देओल का ‘गदर’:तनोट मंदिर में की पूजा, BSF जवानों के साथ लड़ाया पंजा, किया डांस पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजरे…
