जैसलमेर के नाचना क्षेत्र में शुक्रवार को कुदरत का अनोखा रूप देखने को मिला। मरुस्थल के रेतीले धोरों पर जहाँ सूरज की तपिश होती है, वहां अचानक हुई भारी ओलावृष्टि से सफेद चादर बिछ गई। करीब 20 मिनट तक गिरे ओलों ने पूरे परिदृश्य को कश्मीर जैसा बना दिया, लेकिन यह नजारा स्थानीय किसानों के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं साबित हुआ। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में काले घने बादल छा गए। इसके तुरंत बाद तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि का दौर शुरू हुआ। कस्बे और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में ओलों की गति इतनी तेज थी कि देखते ही देखते खेतों और सड़कों पर ओलों की मोटी परत जम गई। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के पिथोडाई गांव में भी सुबह 15 मिनट तक जमकर बारिश और ओले गिरे। फसलों को भारी नुकसान इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। विशेष रूप से नाचना और आस-पास के क्षेत्रों में नकदी फसलें जैसे जीरा और इसबगोल पूरी तरह तबाह हो गई हैं। जीरा की फसल में ओलों की मार से जीरे के दाने झड़ गए। वहीँ नमी और ओलों के प्रहार से इसबगोल की फसल को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के मुहाने पर थी, और किसी की फसल काटकर खेतों में रखी थी, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी मौसम विभाग ने जैसलमेर सहित कई इलाकों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। विभाग के अनुसार, आने वाले समय में तेज आंधी और मेघगर्जना के साथ ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
