जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कला संकाय में विभागाध्यक्षों व शिक्षकों के कुलगुरु, रजिस्ट्रार व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे संवाद करने पर अंकुश लगाया गया है। कला संकाय डीन प्रो. औतारलाल मीणा ने सेवा नियमों के तहत सीधे संवाद के बजाय डीन ऑफिस के माध्यम से ही करने की हिदायत दी है। विश्वविद्यालय के संकायों में विभागाध्यक्षों व शिक्षकों के पत्र व्यवहार और अन्य दस्तावेज डीन कार्यालय के माध्यम से ही भेजने की परंपरा कायम रही है। पिछले कुछ सालों से विभागाध्यक्ष व शिक्षकों ने सीधे ही कुलगुरु व रजिस्ट्रार और प्रशासनिक अधिकारियों से पत्र व्यवहार व संवाद करने की मनमानी परंपरा कायम कर ली थी। इसकी जानकारी डीन कार्यालय को ही नहीं दी जा रही थी। अब नवनियुक्त डीन प्रो. मीणा ने इसे लेकर हिदायत जारी की है। पहले कक्षाएं खाली, अब हो रहीं खचाखच उल्लेखनीय है कि कला संकाय में पिछले कई सालों से अधिकतर कक्षाएं नहीं लग रही थीं। प्रो. मीणा ने शिक्षकों व स्टूडेंट्स को हिदायत जारी करने के अलावा कई नवाचार भी किए। इसके बाद अब अधिकतर कक्षाएं खचाखच हो रही हैं। फैकल्टी में सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा भी बढ़ाई गई है।
