नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के दो साल के कार्यकाल पर तंज कसते हुए कहा- भाजपा का यह दावा कि उसने 70% वादे पूरे कर दिए, सदी का सबसे बड़ा झूठ है। जनता अब समझ चुकी है कि यह जुमलों की सरकार है। प्रदेशवासी त्राहिमाम कर रहे हैं और इस सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुके हैं। जूली ने कहा- ट्रेलर अंता उपचुनाव में दिखा और टीजर पंचायतीराज और नगरीय निकाय चुनावों में दिख जाएगा। मुख्यमंत्री खुद को पूर्व सरपंच बताते हैं, लेकिन पंचायती राज के चुनावों पर रोक लगाकर उन्होंने लोकतंत्र को ‘ब्यूरोक्रेसी’ में बदल दिया है। टीकाराम जूली ने सरकार पर साधा निशाना, कहीं ये 4 बड़ी बातें 1. सीएम की कुर्सी बचाना दो साल की एकमात्र उपलब्धि
जूली ने कहा- पिछले दो साल में इस सरकार की एकमात्र उपलब्धि यही रही है कि भाजपा के भीतर तमाम अंतर्विरोधों के बावजूद मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे हैं। सरकार आपसी खींचतान में उलझी है और इनके पास गिनाने के लिए सिर्फ झूठी आंकड़ेबाजी है, जबकि धरातल पर संकल्प पत्र के वादे धूल फांक रहे हैं। 2. किसानों की जमीनें कुर्क हो रहीं
जूली ने कहा- भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में वादा किया था कि किसानों से गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा और इसके लिए बोनस दिया जाएगा। दो साल बीत गए, लेकिन किसान आज भी इस भाव के लिए तरस रहा है। बाजरे की एमएसपी पर खरीद का वादा भी अधूरा है। रोड़ा एक्ट के तहत किसानों की जमीन नीलाम न होने देने का वादा किया गया था, लेकिन प्रदेश में कर्ज के कारण जमीनों की कुर्की के नोटिस आज भी जारी हो रहे हैं। 3. भर्तियों के जॉब कैलेंडर बनाने के वादे का क्या हुआ?
जूली ने कहा- भाजपा ने 2.5 लाख सरकारी नौकरियां देने और हर भर्ती का एक ‘जॉब कैलेंडर’ जारी करने का वादा किया था। आज युवा पूछ रहा है कि वो कैलेंडर कहां है? भर्तियां अटकी पड़ी हैं, परिणाम आ नहीं रहे और 1.5 लाख से ज्यादा पद शिक्षा विभाग में खाली पड़े हैं जबकि वादा किया गया था कि एक साल में शिक्षा विभाग के सभी खाली पद भरे जाएंगे। 4. स्कूल ड्रेस के पैसे घटा दिए
जूली ने कहा- भाजपा ने गरीब परिवारों की बेटियों के लिए KG से PG तक मुफ्त शिक्षा का वादा किया था। यह वादा भी जुमला निकला। उलटे, स्कूल ड्रेस के लिए पूर्व में मिल रहे 1200 रुपए को घटाकर 600 रुपए कर दिया गया और उसमें से भी जनरल व ओबीसी वर्ग के गरीब बच्चों को बाहर कर दिया गया। जूली ने कहा- चुनाव के समय भाजपा नेताओं ने पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने के बड़े-बड़े दावे किए थे। वादा था कि वैट की समीक्षा कर दाम कम किए जाएंगे।