ईरान के प्रमुख लीडर खामेनेई की हत्या के बाद से पंजाब के मलेरकोटला में रहने वाले मुस्लिम समुदाय में भारी रोष है। मलेरकोटला में मुस्लिम समुदाय लगातार अमेरिका व इजराइल के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय ने डीसी दफ्तर के बाहर ट्रंप व नेतनयाहू के पुतले फूंके। मुस्लिम समुदाय ने अमेरिका व इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की और एडीसी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि इस युद्ध को तुरंत रोका जाए और ईरान के निर्दोष लोगों की जान को बचाया जाए। इससे पहले ईरान में बमबारी के कारण मारे गए 100 अधिक बच्चों के लिए दुआएं मांगी गई। मौलाना आलम रिजवी ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के राष्ट्रपति नेतनयाहू ने मिलकर ईरान पर हमला किया और ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला पूरे मुस्लिम समुदाय पर हमला है। डॉ मोहम्मद इरशाद का कहना है कि ईरान में निर्दोष बच्चों की बमबारी में हत्याएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इजराइल ईरान की लड़ाई से पूरे मिडिल ईस्ट में खौफ का माहौल बन गया है। चारों तरफ अशांति है। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत अच्छे मित्र देश रहे हैं इसलिए उन्होंने भारत की राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर इस युद्ध को रुकवाने के प्रयास करने का आग्रह किया है। मुस्लिम महिलाओं ने निकाला था कैंडल मार्च मलेरकोटल में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने कुछ दिन पहले खामेनेई की मौत के मातम में कैंडल मार्च निकाला था और डोनाल्ड ट्रंप व नेतनयाहू के खिलाफ नारेबाजी की थी। महिलाओं ने ट्रंप व नेतनयाहू की फोटो सड़क पर चिपकाई थी और उससे होकर गुजरे थे। मुस्लिम समुदाय उतरा था सड़कों पर खामेनेई की मौत के बाद मलेरकोटला में मुस्लिम समुदाय ने भारी संख्या में एकत्रित होकर अमेरिका व इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन किया था। मुस्लिम समुदाय ने सड़क पर उतर कर ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या का विरोध किया था।