रविंद्र सिंह भाटी ने सितंबर 2023 में किया अपना वादा करीब तीन साल बाद निभाया। विधानसभा चुनाव से पहले भाटी ने अपनी चुनावी यात्रा के दौरान बुजुर्ग लांगे खान(95) से उनके गांव तक पानी पहुंचाने का वादा किया था। हालांकि इस दौरान लांगे खान का निधन हो गया। बुधवार को आखिरकार शिव विधायक की अनुशंसा पर गडरारोड के बांडासर गांव में बीएडीपी योजना के तहत लांगे खान के घर के पास सार्वजनिक नलकूप(बोरवेल) स्वीकृत हुआ है। इसके बाद बुजुर्ग के बेटे अकबर खां ने वीडियो जारी कर कहा, “मैंने रविंद्र सिंह भाटी जैसा सच्चा नेता नहीं देखा।” बुजुर्ग के बेटे अकबर खां ने कहा- चुनाव से पहले कई नेता वादे कर भूल जाते हैं, लेकिन रविंद्र भाटी ने उनके पिता की मौत के बाद भी अपना वादा याद रखा और उसे पूरा किया। 2023 में चुनावी यात्रा में किया था वादा
दरअसल, 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले रविंद्र सिंह भाटी ने शिव विधानसभा क्षेत्र में ‘शिव जन संवाद यात्रा’ निकाली थी। इस दौरान वे गांव-गांव और ढाणी-ढाणी पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। सितंबर 2023 में गडरारोड के बांडासर गांव में भी एक जनसभा आयोजित हुई थी। जनसभा के दौरान भाटी ने देसी अंदाज में ग्रामीणों से बातचीत करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। सभा खत्म होने के बाद 95 वर्षीय लांगे खान धीरे से उठे और भाटी को अपनी ओर बुलाकर कहा, “बेटा, नेता तो खूब आए… तुझसे एक उम्मीद है, हमारे लिए पानी ले आना।” इस पर भाटी ने वहीं वादा करते हुए कहा था, “मैं चुनाव लड़ूं या न लड़ूं, जीतूं या हारूं… आपके लिए पानी जरूर लाऊंगा।” इसके बाद विधानसभा चुनाव में भाटी जीतकर विधायक बने। जुलाई 2025 में काम शुरू हुआ, स्वीकृति अब मिली
जल जीवन मिशन के तहत गांव में नल कनेक्शन का काम जुलाई 2025 में शुरू कराया गया था। हालांकि बाड़मेर जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था की जमीनी चुनौतियां बनी हुई हैं। पानी की आपूर्ति कभी पहुंचती है तो कभी बाधित हो जाती है। इसी बीच भाटी ने थार क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ बीएडीपी योजना के तहत लांगे खान के घर के पास सार्वजनिक नलकूप स्वीकृत कराने की मांग सरकार के समक्ष रखी। मंगलवार, 11 अगस्त को बीएडीपी योजना की स्वीकृतियों की सूची सामने आई, जिसमें इस मांग को भी मंजूरी मिल गई। नलकूप की स्वीकृति के बाद लांगे खान के परिवार ने विधायक भाटी का आभार जताया है। परिवार का कहना है कि भले ही उनके पिता आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन भाटी ने उनसे किया वादा नहीं भुलाया।