जिला परिषद चुनावों में मतदान को लेकर वोटरों में खास उत्साह देखने को नहीं मिला। शुरुआती घंटों में कुछ इलाकों से ही मतदाता अपने घरों से निकलकर मतदान केंद्रों तक पहुंचे, लेकिन दोपहर होते-होते ज्यादातर बूथों पर सन्नाटा छा गया। कई क्षेत्रों में कांग्रेस और भाजपा के बूथों पर वर्कर भी नजर नहीं आया, जबकि आप के वर्कर मतदाताओं को बूथ तक लाते हुए दिखे। धांधरा रोड स्थित शहीद भगत सिंह नगर इलाके के देव गन स्कूल में बने मतदान केंद्र पर कुल 7500 वोटरों में से केवल 1635 वोट ही पड़े। शाम 5 बजे तक जिले में कुल 5,80,473 वोट डाले जा चुके थे, जो कि कुल मतदान का करीब 46.6 प्रतिशत रहा। कम मतदान प्रतिशत ने राजनीतिक दलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कई मतदाताओं ने तो मतदान करने की जहमत ही नहीं उठाई। कई मतदान केंद्रों पर जमकर हंगामा भी हुआ। वोट काटने से नाराज राजनीतिक दलों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। फुल्लावाल इलाके में ब्लॉक समिति के उम्मीदवार आरपी सिंह का वोट ही सूची से कटा मिला, जिस पर भाजपा नेताओं ने धरना लगा दिया। बाद में चुनाव अधिकारियों से बातचीत के बाद उन्हें वोट डालने की अनुमति दी गई। उधर बीती रात गांव दाखा में वोटों की कथित खरीद-फरोख्त को लेकर हुई मारपीट के मामले में कार्रवाई करते हुए 4 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।