जालोर में कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत 12 से 15 अक्टूबर तक जिला व ब्लॉक स्तरीय बैठकों का दौर जारी रहेगा। रविवार को जालोर पर्यवेक्षक परेश धनानी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष गुजरात एवं पीसीसी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक गोविंदराम मेघवाल, पूर्व मत्री, पीसीसी महासचिव सुमन यादव और पीसीसी महासचिव नरेश चौधरी की मौजूदगी में राजीव गांधी भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जिलाध्यक्ष चयन के लिए वन टू वन संवाद हुआ। सुझावों को सीधे एआईसीसी को भेजा जाएगा। इसके बाद 6 दावेदारों की सूची एआईसीसी को भिजवाई जाएगी, जहां से जिलाध्यक्ष का नाम फाइनल किया जाएगा। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि आमजन महंगाई की मार से त्रस्त है, विकास के काम नहीं हो रहे है, जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने के साथ आए दिन रोजमर्रा की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में हम सभी को एकजुट होकर संगठन की मजबूती के लिए काम करना होगा। इन्होंने किए जिलाध्यक्ष के लिए आवेदन
जिलाध्यक्ष पद के लिए जिलेभर से आए दावेदारों ने पर्यवेक्षकों के समक्ष दावेदारी करते हुए आवेदन किए। इस दौरान वर्तमान जिलाध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल, उमसिंह चांदराई, सवाराम पटेल, जुल्फिकार अली भुट्टो, भरत सराधना, जयंती विश्नोई, योगेन्द्रसिंह कुंपावत सहित 20 से अधिक लोगों ने अपने अपने आवेदन प्रस्तुत किए। इसके बाद शाम को पर्यवेक्षकों ने मौजूद कार्यकर्ताओं से वन टू वन चर्चा कर दावेदारों के संबंध में और संगठन की मजबूती के संबंध में चर्चा की। कॉन्फ्रेंस में हंगामा, प्रदेश कांग्रेस सचिव को फटकार
रविवार को दोपहर के समय लोकसभा प्रत्याशी वैभव गहलोत, जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में होटल विजय पैराडाइज में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें जालोर पर्यवेक्षक परेश धनानी ने पार्टी के संगठन सृजन अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा- कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत है, और इस अभियान के तहत कार्यकर्ताओं को संगठित करने का काम किया जाएगा, जिससे संगठन को मजबूती मिल सके। उन्होंने जिलाध्यक्ष चयन के लिए आगामी तीन दिनों तक होने वाली ब्लॉकवार बैठकों के बारे में भी जानकारी दी। कॉन्फ्रेंस के दौरान नोंक-झोंक भी दिखाई दी। एक पत्रकार ने सवाल किया कि इस बार जिला अध्यक्ष की दौड़ में दलबदलू कार्यकर्ता भी हैं। क्या उनको भी जिला अध्यक्ष बनाया जा सकता हैं? इस पर पीछे बैठे कांग्रेस प्रदेश सचिव उमसिंह चांदराई ने नाराज होकर पत्रकार का कॉलर पकड़ लिया। इसके बाद हंगामा हो गया। हालांकि पूर्व जनअभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष पुखराज पाराशर व अन्य नेताओं ने माफी मांगी। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश सचिव उमसिंह चांदराई को प्रेस वार्ता से बाहर निकाल दिया गया।
