पंजाब के जालंधर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गौ-तस्करी के एक संदिग्ध मामले का भंडाफोड़ किया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ से जम्मू-कश्मीर की ओर जा रहे एक ट्रक को पठानकोट चौक के पास घेराबंदी कर रोका गया। इस ट्रक में क्रूरतापूर्वक गायों को भरकर ऊपर से तिरपाल से ढका गया था ताकि किसी को शक न हो। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद ट्रक और उसमें सवार व्यक्तियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। जालंधर का पठानकोट चौक उस समय हंगामे का केंद्र बन गया जब हिंदू संगठनों के सदस्यों ने एक संदिग्ध ट्रक को बीच सड़क पर रोक लिया। कार्यकर्ताओं को पहले से ही इनपुट मिले थे कि यूपी नंबर का एक ट्रक प्रतिबंधित पशुओं को लेकर पंजाब के रास्ते जम्मू-कश्मीर की ओर कूच कर रहा है। जैसे ही ट्रक चौक के पास पहुँचा, कार्यकर्ताओं ने अपनी गाड़ियों से उसे घेर लिया। ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद युवाओं ने उसे सफल नहीं होने दिया। तिरपाल के नीचे छिपा था काला सच जब ट्रक को रोक कर उसकी तलाशी ली गई, तो स्थिति बेहद भयावह थी। ट्रक के ऊपर बड़ी ही चालाकी से नीले रंग का तिरपाल बांधा गया था ताकि बाहर से देखने पर यह सामान्य माल वाहक वाहन लगे तिरपाल हटाते ही अंदर भारी संख्या में गायें लदी हुई पाई गईं। इन बेजुबान जानवरों को ट्रक के भीतर बहुत ही बुरी स्थिति में बांधकर रखा गया था। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, इन गायों को मेरठ से लाया गया था और इन्हें तस्करी के जरिए जम्मू-कश्मीर ले जाने की योजना थी। पुलिस की भूमिका और कानूनी प्रक्रिया ट्रक को काबू करने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुँची पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया और उसमें मौजूद लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इन पशुओं के परिवहन के लिए कोई वैध दस्तावेज मौजूद थे या नहीं। हिंदू संगठनों ने मांग की है कि इस तस्करी के पीछे के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए। फिलहाल, पुलिस द्वारा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।