शायद इस बार प्रकृति ने भी राजस्थान की सियायत देखकर फसलों में खराबा किया है। खरीफ फसलों की गिरदावरी रिपोर्ट देखकर ऐसा ही लगता है। प्रदेश की 208 तहसीलों के 16501 गांवों में 33% से अधिक नुकसान माना गया। इन्हें अभावग्रस्त माना गया है, इन्हीं क्षेत्रों के किसानों को ही फसल मुआवजा मिलेगा। अब ये जानकार आप चौंकेंगे जरूर कि इन 208 तहसीलों में 70 फीसदी भाजपा विधायकों की विधानसभा में आती हैं। गिरदावरी में भाजपा के 118 विधायकों में से 91 विधायकों के एरिया में मुआवजे लायक खराबा बताया है। 31 मार्च 2026 तक 1421 करोड़ मुआवजे के तौर पर वितरित होंगे, इनमें से एक हजार करोड़ भाजपा विधायक वाले क्षेत्रों में बटेंगे। कांग्रेस के 67 विधायकों में से 49 विधायकों के एरिया में 33% से कम खराबा बताया गया। मतलब यहां के लाखों किसानों को मुआवजा नहीं मिलेगा। भोपालगढ़, लक्ष्मणगढ़, नैछवा, कुशलगढ़, शाहपुरा सहित कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि से फसलें डूब गई, वहां भी कम नुकसान दिखाया गया। प्रदेश में इस बार कुल 1.5072259.84 हैक्टेयर में बुवाई हुई। झालावाड़ में पूरे जिले में खराबा माना सरकार ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के क्षेत्र झालावाड़ में 12 तहसीलों को शामिल किया है। इनमें सर्वाधिक 1597 गांव हैं। जयपुर के बाकी एरिया आमेर, शाहपुरा, बस्सी व चौमूं में नुकसान हुआ लेकिन माना नहीं। शाहपुरा विधायक मनीष यादव ने कहा, 1176 एमएम बारिश से नुकसान हुआ लेकिन दिखाया सिर्फ 0.02%। जबकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के लक्षमणगढ़ और नैछवा में जीरो प्रतिशत फसल खराबा माना गया है। गिरदावरी रिपोर्ट में खराबा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के क्षेत्र की अलवर तहसील में 1166 एमएम बारिश हुई पर फसल खराबा सिर्फ 0.47% बताया। आसींद में भाजपा विधायक जब्बर सिंह के बदनौर में 529 एमएम बारिश हुई, खराबा 92.49% बताया। कांग्रेस के मनीष यादव के शाहपुरा में 1176 एमएम बारिश हुई, खराबा दिखाया सिर्फ 0.02%। डिप्टी सीएम बैरवा के मौजमाबाद क्षेत्र में 804 एमएम हुई, खराबा 61.21% दिखाया। कांग्रेस विधायक वीरेंद्र सिंह के दातारामगढ़ में 1158 एमएम बारिश हुई, लेकिन खराबा 0% बताया।