जयपुर के वैशाली नगर इलाके में जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने दुकानों और मकानों के साथ शिव मंदिर को भी अतिक्रमण का नोटिस दिया है। नोटिस सीधे शिव मंदिर के नाम से दीवार पर चस्पा किया गया है। इसमें 7 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। अब शहर में यही चर्चा है कि आखिर जेडीए के नोटिस का जवाब कौन देगा? कौन मंदिर के दस्तावेज पेश करेगा? स्थानीय निवासी विजय सिंह ने बताया कि नोटिस किसी व्यक्ति, संस्था या ट्रस्ट के नाम होना चाहिए था, न कि सीधे शिव मंदिर के नाम से। 1.59 मीटर अवैध कब्जा माना
जेडीए प्रवर्तन शाखा की ओर से चस्पा नोटिस में हाईकोर्ट की पिटीशन संख्या 658/2024 में पारित आदेश का हवाला दिया गया है। नोटिस के अनुसार, गांधी पथ सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी पीटी सर्वे रिपोर्ट जोन-7 के उपायुक्त से प्राप्त हुई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर मंदिर की बाउंड्रीवॉल सड़क सीमा में 1.59 मीटर अंदर पाई गई, जिसे अतिक्रमण माना गया है। सड़क को चौड़ा करने के लिए कार्रवाई
इसके साथ ही जेडीए ने 21 नवंबर को इसी अभियान के तहत वैशाली नगर गांधी पथ पर 70 मकान मालिकों और दुकानदारों को भी नोटिस दिए थे। यहां सड़क को 100 फीट चौड़ा करने की योजना के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। मंदिर पर नोटिस लगाने के बाद क्षेत्र में यह चर्चा है कि जेडीए ने मंदिर प्रबंधन, पुजारी या देखरेख करने वाली किसी समिति से जानकारी तक नहीं ली, बल्कि सीधे नोटिस दीवार पर लगा दिया। जेडीए नोटिस प्रक्रिया के अनुसार 7 दिन के भीतर जवाब या दस्तावेज नहीं मिलने पर स्थल को अतिक्रमण मानकर कार्रवाई की जा सकती है।
