आइसीए गैलरी में भारतीय आधुनिक कला के शानदार उत्सव ‘वर्च्यूसिटी’ का उद्घाटन हुआ। यह गैलरी की 17वीं वर्षगांठ का अवसर था, जिसके तहत आयोजित इस वार्षिक प्रदर्शनी में देशभर के 65 से अधिक प्रतिष्ठित कलाकारों की रचनाएं एक ही छत के नीचे प्रदर्शित की गईं। इस खास मौके पर आयोजित प्रीव्यू इवेंट में जयपुर के प्रमुख कला प्रेमियों और अतिथियों ने भाग लिया और भारतीय आधुनिक कला की इस भव्य झलक का नजदीकी अनुभव लिया। प्रदर्शनी में एम. एफ. हुसैन, जैमिनी रॉय, रामकिंकर बैज, राम गोपाल विजयवर्गीय, भुपेन खखर, जोगेन चौधरी, के. लक्ष्मा गौड़, कृष्ण खन्ना, जनगढ़ सिंह श्याम, ज़रीना हाशमी, हिम्मत शाह, जहांगीर सबावाला जैसे महान कलाकारों की कृतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही परेश मैती, अर्पना कौर, माधवी पारेख, मनु पारेख और विवान सुंदरम जैसे समकालीन कलाकारों के कामों ने नई पीढ़ी की कलात्मक सोच और प्रयोगशीलता को दर्शाया। प्रदर्शनी में 1930 के दशक की कुछ ऐतिहासिक पेंटिंग्स भी शामिल थीं, जिन्हें वर्षों में संग्रह कर संरक्षित किया गया है। यह संग्रह भारतीय कला के विकास की लगभग एक सदी लंबी यात्रा को दर्शाता है, जहां पारंपरिक आधुनिकता से लेकर समकालीन साहसिक अभिव्यक्ति तक का सुंदर संगम देखने को मिला। आयोजन के दौरान कला प्रेमियों ने कहा कि ‘वर्च्यूसिटी’ केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारतीय आधुनिक कला की आत्मा और विरासत का उत्सव है। इस मौके पर आइसीए गैलरी ने अपने 17 साल के सफर को भी सेलिब्रेट किया, जिसमें उसने भारतीय आधुनिक कलाकारों के कार्यों को बढ़ावा देने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
