जाब्ते की कमी जूझ रही यातायात पुलिस के लिए राहत की खबर है। अब दिल्ली और मुंबई की तर्ज पर अब जयपुर में भी ट्रैफिक मार्शल लगाने की कवायद शुरू की है। इसके लिए कमिश्नर ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा है। मार्शल रोजाना चार घंटे पीक आवर्स में ड्यूटी देंगे और बदले में उन्हें 6 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस व्यवस्था से जुड़ सकें। वर्तमान स्थिति यह है कि जयपुर कमिश्नरेट में 2935 स्वीकृत पदों में से केवल 1516 जवान ही तैनात हैं, जबकि 1419 पद खाली पड़े हैं। स्वीकृत नफरी करीब 15 वर्ष पुरानी है, जबकि शहर की आबादी और वाहन मात्रा कई गुना बढ़ चुकी है। ऐसे में ट्रैफिक मार्शल की नियुक्ति से यातायात नियंत्रण के साथ वीआईपी ड्यूटी में भी पुलिस बल को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 10वीं पास तक के युवाओं को मिलेगा मौका {आवेदक 10वीं पास हो और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक है। चयनित उम्मीदवारों को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें यातायात नियम, सड़क सुरक्षा और व्यवहारिक प्रशिक्षण शामिल होगा। काउंसलिंग सेंटर पर विजिट भी कराया जाएगा। {ड्यूटी के दौरान पुलिस जैकेट और कैप पहनेंगे तथा उनका आई-कार्ड भी जारी किया जाएगा। वे यातायात पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर यातायात व्यवस्था में सहयोग करेंगे और आमजन से शालीन व्यवहार को प्राथमिकता दी जाएगी। { मार्शल को ड्यूटी समय में सोशल मीडिया पर कोई रील/वीडियो अपलोड करने की अनुमति नहीं होगी। किसी भी अवांछनीय गतिविधि में लिप्त पाए जाने पर उन्हें तुरंत हटा दिया जाएगा। {ट्रैफिक मार्शल को ‘लोक सेवक’ की परिधि में माना जाएगा। उनकी ड्यूटी की निगरानी के लिए एसीपी प्रोटोकॉल को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। {वहीं, ड्यूटी प्वाइंट पर संबंधित क्षेत्र का अधिकारी उन्हें रोजाना ब्रिफिंग देगा। दिल्ली-मुंबई में क्या मिलता है मानदेय दिल्ली में सिविल डिफेंस- बस मार्शल को 21 हजार प्रतिमाह और ट्रैफिक मार्शल को 30 हजार दिए जाते हैं। वहीं मुंबई में 12 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलता है। वहां सभी पूरे दिन ड्यूटी करते हैं। प्रस्ताव के अनुसार, ट्रैफिक मार्शल बनने के लिए आवेदक की आयु 21 से 60 वर्ष होनी चाहिए, उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड या सड़क दुर्घटना में दोष सिद्ध न हुआ हो।