जयपुर के झालाना वन क्षेत्र में एक दुर्लभ शीतकालीन प्रवासी पक्षी ओरिएंटल स्कॉप्स उल्लू की मौजूदगी दर्ज की गई है। इस उल्लू को हाल ही देखा गया। इसकी पुष्टि वन्यजीव विशेषज्ञ रोहित गंगवाल ने की है। यह प्रजाति मुख्य रूप से पूर्वी एशिया में पाई जाती है। भारत में इसका दिखाई देना बेहद दुर्लभ माना जाता है। यह पूर्वी एशिया के देशों में पाया जाता है। वन्यजीव विशेषज्ञ रोहित गंगवाल ने बताया- उन्होंने पहली बार इस प्रजाति को वर्ष 2017 में झालाना क्षेत्र में रिकॉर्ड किया था। इसके बाद यह उल्लू कुछ वर्ष तक नियमित रूप से दिखाई देता रहा, लेकिन पिछले दो वर्ष से इसकी कोई मौजूदगी दर्ज नहीं हुई थी। लंबे समय के बाद इस दुर्लभ उल्लू का दोबारा दिखाई देना वन्यजीव प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है। पूर्वी एशिया के देशों में पाया जाता है ओरिएंटल स्कॉप्स उल्लू वन्यजीव विशेषज्ञ रोहित गंगवाल ने बताया- झालाना जैसे शहरी वन क्षेत्र में इस प्रजाति की वापसी इस बात का संकेत है कि यहां का पर्यावरण और जैव विविधता अब भी प्रवासी पक्षियों के लिए अनुकूल बनी हुई है। यह उल्लू आमतौर पर घने पेड़ों में छिपकर रहता है। इसके कारण इसकी पहचान और रिकॉर्डिंग चुनौतीपूर्ण होती है। बता दें कि ओरिएंटल स्कॉप्स उल्लू मुख्य रूप से पूर्वी एशिया के देशों में पाया जाता है। सर्दियों के मौसम में सीमित संख्या में ही भारत पहुंचता है। राजस्थान में इसका दर्ज होना अपने आप में एक महत्वपूर्ण वन्यजीव रिकॉर्ड माना जा रहा है। वन विभाग और पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की दुर्लभ प्रजातियों का दिखाई देना झालाना वन क्षेत्र के संरक्षण की सफलता को भी दर्शाता है।
