जयपुर की सड़कों पर ब्रह्मोस मिसाइल नजर आएगी, सेना के टैंक होंगे। एसएमएस स्टेडियम में लाइट एंड साउंड शो के जरिए ऑपरेशन सिंदूर की ताकत दिखाई जाएगी। ये सब होगा 15 जनवरी 2026 को आर्मी डे पर। पहली बार वीरों की धरा राजस्थान में सेना दिवस परेड होगी। परंपरागत रूप से दिल्ली में ही होने वाली परेड के लिए पहली बार जयपुर को चुना गया है। जयपुर में तीन बड़े कार्यक्रम होंगे। आर्म्ड फोर्सेस की परेड के साथ ही गुलाबी नगर के आसमान में सैकड़ों ड्रोन नजर आएंगे। आधुनिक शस्त्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्पेशल रिपोर्ट में जानिए क्या खास होगा आर्मी डे परेड में… ब्रह्मोस मिसाइल व कई टैंक होंगे शामिल आर्मी डे पर जयपुर के जगतपुरा इलाके में स्थित महल रोड पर 3 किलोमीटर तक परेड होगी। परेड में अलग-अलग कई मार्चिंग टुकड़ियों द्वारा मार्च-पास्ट किया जाएगा। अलग-अलग रेजिमेंटल सेंटर्स का प्रतिनिधित्व करने वाली टुकड़ियां शामिल की जाएगी। सबसे खास बात परेड में कई विमानों और सेना के हेलिकॉप्टरों की फ्लाई-पास्ट परेड की भव्यता बढ़ाएगी। इसके अलावा परेड में ब्रह्मोस मिसाइल के साथ साथ कई टैंक भी शामिल किए जाएंगे। सेना दिवस परेड में वाहन पर सवार टुकड़ियों, उपकरणों और अत्याधुनिक तकनीकों की श्रंखला भी देखने को मिलेगी। ये भारतीय सेना की प्रगति और आधुनिक युद्ध के लिए तैयारी को दर्शाएगी। एसएमएस स्टेडियम में होगी शौर्य संध्या 15 जनवरी को ही जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में शौर्य संध्या का आयोजन होगा। कई तरह के इवेंट आयोजित होंगे। लाइट एंड साउंड शो के जरिए बताया जाएगा कि कैसे हमारी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन को परास्त किया था। इसके अलावा मार्शल आर्ट का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान ड्रोन के करतब भी जयपुरवासियों को प्रभावित करेंगे। 8 से 12 जनवरी तक हथियारों का प्रदर्शन इससे पहले जयपुर के भवानी निकेतन ग्राउंड में 8 से 12 जनवरी तक हथियारों का प्रदर्शन किया जाएगा। जहां सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे आधुनिक हथियारों से आमजन को अवगत कराया जाएगा। इस प्रदर्शनी में आम लोग शामिल हो पाएंगे। इसके अलावा आर्मी डे से पहले सीरीज ऑफ इवेंट भी होंगे। इनमें ऑनर रन, साइकिल रैली और मेडिकल कैंप का आयोजन होगा। बेंगलुरु, लखनऊ, पुणे के बाद अब जयपुर को मौका साल 2022 तक आर्मी डे परेड दिल्ली में ही होती थी। साल 2023 से देश के अलग-अलग राज्यों में होने लगी। दिल्ली के बाहर पहली आर्मी डे परेड 2023 में बेंगलुरु में हुई थी। अगले साल 2024 में लखनऊ और 2025 में पुणे में ये परेड हुई। परेड में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ साथ आर्मी के उच्च स्तर के बड़े अधिकारी शामिल होंगे। आयोजन को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियों को अंतिम रुप दिया जा रहा है। 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और आर्मी के बड़े अधिकारी इस आयोजन को लेकर जानकारी देंगे। फील्ड मार्शल के.एम. करिअप्पा के सम्मान में मनाया जाता है सेना दिवस 15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल के.एम. करिअप्पा भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने। इससे पहले भारतीय सेना का नेतृत्व ब्रिटिश अधिकारी करते थे। इस दिन भारत ने अपने सैन्य नेतृत्व की कमान एक भारतीय को सौंपी थी। के.एम. करिअप्पा के सम्मान में ये दिन मनाया जाता है।
