जयपुर के श्याम नगर स्थित द ट्री हाउस स्कूल को जमीन विवाद में बंद होने की चर्चा पर आज अभिभावकों ने हंगामा कर दिया। पेरेंट्स ने स्कूल पहुंचकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। बताया जा रहा है कि स्कूल डायरेक्टर और जमीन के मालिक के बीच विवाद है। वहीं अभिभावकों ने आरोप लगाया कि नया सेशन शुरू हो गया है। बच्चों की फीस भी जमा करा दी है। ऐसे में अचानक स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। हंगामे की सूचना पर सिविल लाइन से बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा भी स्कूल पहुंचे और दोनों पक्षों से बात की। इसके बाद विधायक ने कहा कि स्कूल बंद नहीं होगा और बच्चे इसी स्कूल में पढ़ेंगे। स्कूल को बीच सेशन में बंद नहीं किया जा सकता। वहीं स्कूल प्रबंधन स्कूल बंद होने की बात से इनकार करता रहा लेकिन लिखित में स्पष्टीकरण देने को भी राजी नहीं हुआ। प्रबंधन ने पेरेंट्स को रिफंड और ट्रांसफर सर्टिफिकेट देने का प्रस्ताव दिया है लेकिन पेरेंट्स राजी नहीं हुए। बता दें कि स्कूल CBSE दसवीं तक का है। वर्तमान में स्कूल में 220 बच्चे पढ़ रहे हैं। 45 बच्चों का राइट-टू-एजुकेशन पॉलिसी के तहत एडमिशन है। पढ़िए- क्या है, विवाद का कारण स्कूल विनय चौरडिया की जमीन पर बना है, जिसका संचालन राजीव भाटिया नाम के व्यक्ति की ओर से किया जा रहा था। पिछले कुछ वक्त से स्कूल के किराए को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। यह विवाद कोर्ट तक पहुंच गया। राजीव भाटिया के खिलाफ जमीन विवाद को लेकर कुछ अन्य मामले भी चल रहे हैं। विधायक बोले- स्कूल बंद नहीं होगा दोनों पक्षों से बात करने के बाद विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि जो व्यक्ति (स्कूल डायरेक्टर) बच्चों के भविष्य की चिंता और बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए भाग गए है, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई को लेकर एक टीम बनाई जाएगी। जिसमें पेरेंट्स और स्कूल प्रबंधन की टीम होगी। स्कूल प्रबंधन के सामने क्या परेशानी आ रही है, उसका समाधान किया जाएगा। प्रारंभिक तौर पर सामने आया है कि स्कूल को कोई कानूनी नोटिस मिला था। इसके बाद स्कूल बंद होने की बात सामने आने लगी। स्कूल में हंगामे की PHOTOS अभिभावकों में गुस्सा, पढ़िए-क्या बोले 1- बच्चों की फीस दे चुके, अब क्या करें ? स्कूल में थर्ड क्लास में पढ़ने वाले बच्चे की मां तमन्ना वैष्णव ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने बोरिंग और निर्माण कार्य के नाम पर एक दिन के लिए बंद रखने की सूचना दी थी। वहीं मंगलवार रात स्कूल को स्थाई रूप से बंद करने की सूचना मिली। इसके बाद आज सभी पेरेंट्स मिलकर स्कूल पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्कूल को किसी नोटिस की बात सामने आ रही है। ऐसे में स्कूल को पहले से पता था तो पेरेंट्स को क्यों नहीं बताया गया। हम स्कूल की 60 से 75 हजार तक फीस, 2000 रुपए की यूनिफॉर्म, इसके अलावा किताबों के पैसे भी दे चुके है। अब नए स्कूल में कैसे एडमिशन करवाए। 2- दूसरे स्कूल में शिफ्ट करना मंजूर नहीं अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चे लंबे समय से इसी स्कूल में पढ़ रहे हैं। अचानक इस तरह का फैसला बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि नए सत्र के बीच में स्कूल बंद होने से अब बच्चों के एडमिशन और पढ़ाई को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। वहीं, अभिभावक प्रीति कुमावत ने कहा कि स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चों को करीब 9 किलोमीटर दूर स्थित दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने का सुझाव दिया जा रहा है, जो उनके लिए व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि इतनी दूरी पर बच्चों को भेजना संभव नहीं है। इस स्थिति में वे बेहद असहाय महसूस कर रहे हैं। पेरेंट्स का कहना है कि अब तक न तो स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट स्थिति बताई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई हस्तक्षेप हुआ है। प्रिंसिपल बोलीं- स्कूल बंद होने की बात गलत दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन ने स्कूल बंद होने की बात से इनकार किया है। स्कूल की प्रिंसिपल सरिता शर्मा ने कहा कि स्कूल को बंद नहीं किया जा रहा है। कुछ अभिभावकों की ओर से गलत जानकारी फैलाकर भ्रम पैदा किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्कूल का संचालन जारी रहेगा। हालांकि, विरोध कर रहे अभिभावक प्रबंधन के इस बयान से संतुष्ट नहीं हैं और वे लिखित में स्पष्ट आश्वासन की मांग कर रहे हैं। इसके बाद पेरेंट्स को रिफंड और ट्रांसफर सर्टिफिकेट देने का प्रस्ताव दिया लेकिन पेरेंट्स राजी नहीं हुए।
