बाड़मेर में जमनी विवाद में कहासुनी के दौरान किसान की तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि मारपीट करने से किसान की मौत हुई है। जबकि पुलिस ने अंदेशा जताया है कि किसान को हार्ट अटैक आया था। मॉर्च्युरी के बाहर प्रदर्शन कर रहे परिजनों से समझाइश की गई। इसके बाद वह पोस्टमार्टम के लिए माने। मामला बाड़मेर के शिव थाना इलाके के जसे गांव का शुक्रवार रात 11 बजे का है। पहले पढ़िए पुलिस ने क्या कहा- गांव के रहने वाले किसान हनीफ खान (55) की जमीनी विवाद के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। ऐसे में, उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां से उन्हें बाड़मेर रेफर किया गया था। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। जसे का गांव निवासी सुमेर सिंह सरकारी जमीन पर बुवाई कर रहे थे। इसी दौरान किसान हनीफ खान ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसी दौरान हनीफ खान की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर गए। परिजनों का अरोप- मारपीट से मौत हुई परिजनों का आरोप है कि हनीफ के साथ मारपीट की गई थी और उसे धमकाया भी गया था। उनका कहना है कि मारपीट और धमकाने की वजह से ही उसकी तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार रात को हनीफ के शव को शिव हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। इसके बाद परिजन और समाज के लोग वहां इकट्ठे हो गए। मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। इसके बाद शनिवार सुबह पुलिस और प्रशासन की टीम उनसे समझाइश की है। जिस पर वह पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हुए। सहमति बनी, शव परिजनों को सुपुर्द किया कांग्रेस नेता शेर मोहम्मद ने बताया- परिजनों और प्रशासन के बीच में कई दौर की वार्ता के बाद सहमति बन गई है। परिजनों की मांग के अनुसार FIR दर्ज कर ली गई है। वहीं पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। इन मांगों पर सहमति बनने के बाद परिजन पोस्टमार्टम करवाने के लिए राजी हो गए। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों सुपुर्द कर दिया। थाना इंचार्ज बोले- हार्ट अटैक का अंदेशा शिव थाना इंचार्ज मनोहर लाल बिश्नोई ने बताया कि दोनों पक्ष आमने-सामने नहीं हुए थे। ऐसे में मारपीट होने का सवाल ही नहीं है। प्रारंभिक जांच में हनीफ की मौत हार्ट अटैक से होने का अंदेशा है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।
