उदयपुर | संविधान को समझे बिना उसकी रक्षा संभव नहीं है। यह बात भारतीय कर्मचारी संघ नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष डीआर ओहोल ने बुधवार को एमबी हॉस्पिटल के न्यू ऑडिटोरियम में आयोजित 76वें संविधान दिवस समारोह में कही। कार्यक्रम में देश-प्रदेश से आए सैकड़ों प्रतिनिधियों ने संविधान बचाने की शपथ ली। ओहोल ने कहा कि सामाजिक-आर्थिक समानता के अभाव में समाज में तनाव और संघर्ष पैदा होता है। सरकारों को सर्वहारा वर्ग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि 1950 से अब तक संविधान उन हाथों में रहा जो वास्तव में संविधान विरोधी रहे। उन्होंने चेताया कि “जब तक हम संविधान को पढ़कर नहीं समझेंगे, तब तक अन्याय होता रहेगा।” कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिटायर्ड आईएएस ताराचंद मीणा थे। अध्यक्षता संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष गणेश लाल रायकवाल ने की। उद्घाटन प्रो. सुधा चौधरी ने किया। समारोह की शुरुआत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और कैंडल प्रज्वलन से हुई। प्रो. सुधा चौधरी ने कहा कि बाबा साहेब का संघर्ष नई पीढ़ी को प्रेरणा देता है। राष्ट्रीय बहुजन प्रचारक रईस मलिक ने कहा कि “एक वोट मुकेश अंबानी और आम आदमी—दोनों को बराबर ताकत देता है, इसे समझना होगा।” सीपीआई एमएल के सचिव शंकरलाल चौधरी ने कहा कि विडम्बना है कि हमें उसी विषय पर जागरूकता करनी पड़ रही है जिससे देश संचालित होता है। कार्यक्रम में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संचालन महासचिव बाबूलाल घावरी और संयोजक आमोस मीणा ने किया तथा धन्यवाद सुख सम्पत बागड़ी मीणा ने दिया। रजत जयंती व्याख्यान, नागरिक कर्तव्य पत्र का विमोचन: दिवस पर श्रमजीवी महाविद्यालय में जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ, राष्ट्रीय लोक अधिकार मंच एवं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में न्यायिक सुधारों पर कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई।
