बाड़मेर-बालोतरा जिले की सीमाएं बदलने से जनता सुविधा की बजाय दुविधा में फंस गई है। हाल ये है कि अब जिन गांवों को गुड़ामालानी व धोरीमन्ना से तोड़ कर बाड़मेर जिले में डाला है, उन गांवों से आरजीटी व धोरीमन्ना थाना महज 4-5 किमी. ही दूर था, जबकि अब इन गांवों का जिला बदलने से इनके थाने भी बदल गए हैं। हाल ये है कि इनमें कई गांवों से महज 4 किमी. दूर धोरीमन्ना थाना है, लेकिन अब इन्हें 60 किमी. दूर सदर थाने जाना होगा। जिलों की सीमाएं बदलने के बाद हाल ये है कि इन गांवों की तहसील, आरआई सर्किल, थाना, पंचायत समिति और एसडीएम मुख्यालय अलग-अलग जगहों पर है। हाल ही में एक आदेश जारी कर गुड़ामालानी, आरजीटी और धोरीमन्ना थाना इलाके के 47 गांवों को बाड़मेर जिले के सदर थाने में शामिल कर दिया है। ऐसे में सदर थाने की सीमा अब 30 किमी. से बढ़ करीब 60-65 किमी. तक हो गई है। अब इन गांवों में कोई भी घटना-दुर्घटना होने पर सदर थाने की पुलिस पहुंचेगी। धोरीमन्ना से 4 किमी. पहले सदर थाना बाड़मेर के धोरीमन्ना को गुड़ामालानी में डालने से जनता की दुविधा बढ़ गई है। आदर्श लूखू की धोरीमन्ना से महज 4 किमी. दूरी है, लेकिन अब यहां तक सदर थाने की सीमाएं लगेगी। जबकि सदर थाना बाड़मेर जिला मुख्यालय पर 60 किमी. दूर है। ऐसी में किसी तरह के बड़े हादसे या कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में 60 किमी. दूर से पुलिस कैसे पहुंचेगी। धोरीमन्ना थाने के करीब ऐसे 16 गांव है, जिन्हें अब धोरीमन्ना से हटाने के बाद सदर थाने में शामिल किया है। इसी तरह रागेश्वरी थाने के 21 गांव, गुड़ामालानी के 10 गांव सदर थाने में शामिल किए गए है। ऐसे में अब सदर थाने की सीमा एकाएक डबल से भी ज्यादा हो गई है। इसी तरह मंगले की बेरी से आरजीटी थाना महज 4-5 किमी. दूर है, जबकि अब इसे भी 60 किमी. दूर सदर थाने में डाला है। आरजीटी थाना में अब 10-12 पंचायतें बालोतरा के आरजीटी थाने में अब सिर्फ 10-12 पंचायतें ही बची है। यह थाना कम अब चौकी जितना भी नहीं बचा है। आडेल पंचायत समिति के तहत आरजीटी की 21 पंचायतें एकसाथ बाड़मेर सदर थाने में ट्रांसफर कर दी। ऐसे में अब राणासर खुर्द, खडाली, गोलिया गरर्वा, नेहरों का वास, खुडाला, उदड़ी, धांधलावास सहित करीब 10-12 पंचायतें ही अब आरजीटी थाने में बची है। 3 थानों के गांव अब सदर थाने में हाल ही में गुड़ामालानी, रागेश्वरी व धोरीमन्ना थाने के 47 गांवों को सदर थाने में शामिल किया गया है। जबकि इनके जो गांव सदर थाने में शामिल किए गए हैं, उनसे उनके मूल थाने महज 4-5 किमी. दूरी पर ही थे। गृह विभाग ने धोरीमन्ना के आदर्श लूखू, लूखू, खुमे की बेरी, गेनाणियों का तला, सुरते की बेरी, दूधू, शोभाला जेतमाल, मैयों का तला, सियागों की ढाणी, बूठ जेतमाल, दूधिया कला, मांगता, मेघवालों का तला, किरताणियों मेघवालों का तला, बाछड़ाऊ, खेमपुरा को बाड़मेर सदर थाने में शामिल किया है। इसी तरह रागेश्वरी गैस टर्मिनल के अर्जुन की ढाणी, विजय नगर, मंगले की बेरी, धोलानाडा, खारडी बेरी, आडेल पनजी, आसुओं की ढाणी, आडेल, आदर्श आडेल, निंबलकोट, सियागो की ढाणी, सड़ेचा, खारिया खुर्द, सियाक नगर, नोखड़ा, नेहरों का तला, अणखिया, नेहरों का बेरा, मालपुरा, धोलपालिया नाडा, मीठीबेरी समेत कुल 21 पंचायतों को शामिल किया गया है। इसी तरह गुड़ामालानी के उड़ासर, भीलों की ढाणी, कोशले की ढाणी, शिवनगर, धर्मपुरीजी का गांव, मेहलू, मीठीबेरी, गोलिया जेतमाल, मगासर, श्री टीकमगढ़ समेत 10 पंचायतें अब सदर थाने में है। अब हर काम के लिए अलग दूरी, 47 गांव दुविधा में > पुलिस: अब सदर थाना 60 किमी. दूर है।
> डिस्कॉम: मेहलू कार्यालय है, जो 30 किमी. है।
> तहसील: अंतिम छोर के गांवों से नोखड़ा तहसील की दूरी करीब 30-35 किमी. है।
> एसडीएम: अब एसडीएम मुख्यालय बाड़मेर है, जो 60-65 किमी. दूर है।
> पंचायत समिति: इन गांवों की आडेल व मांगता है। पहले चौहटन में डाल रहे थे, विधायक आदूराम का विरोध धोरीमन्ना के आदर्श लूखू, खुमे की बेरी, गेनाणियों का तला, सुरते की बेरी, दूधू, बाछड़ाऊ व खेमपुरा काे पहले 44 किमी. दूर धनाऊ थाने में शामिल किए जाने का 7 जनवरी को चौहटन डीएसपी की ओर से आदेश जारी किया गया था। इनमें पुलिस चौकी बामणोर, धनाऊ व लीलसर को चौहटन में डालने का आदेश था। इसके बाद विधायक आदूराम मेघवाल इन गांवों को चौहटन में डालने के विरोध में उतरे और सरकार पर दबाव बना।
