लुधियाना के जगराओं में जमीन की ठगी के एक मामले में करीब आठ महीने बाद आरोपी कुलवंत सिंह उर्फ कंता को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की जमानत रद्द होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। थाना हठूर के इंचार्ज कुलजिंदर सिंह ने बताया कि लुधियाना निवासी पीड़ित हरिंदर सिंह ने आठ महीने पहले शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी निर्मल सिंह ने गांव मानूके में जमीन का सौदा करवाने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये ठगे हैं। आरोपियों ने एक फर्जी इकरारनामा भी तैयार किया था। ऐसे उठा ठगी से पर्दा पीड़ित हरिंदर ने बताया कि जब वो जमीन देखने पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि निर्मल सिंह का आधार कार्ड जाली है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने सात अलग-अलग नामों से आधार कार्ड बनवा रखे थे। जांच के दौरान इस ठगी में अन्य आरोपियों की संलिप्तता भी सामने आई। 5 आरोपी किए गए नामजद पुलिस ने इस मामले में निर्मल सिंह मंडियानी, जगजीत सिंह, जसमीत सिंह (गांव तुगल), कुलवंत सिंह (सिधवां कलां) और गुरचरन सिंह (मंडियानी) को नामजद किया था। जसमीत सिंह और जगजीत सिंह पहले ही गिरफ्तार होकर जमानत पर हैं, जबकि गुरचरन सिंह अदालत में पेश होकर जांच में शामिल हो चुका है। अब पुलिस ने कुलवंत सिंह को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश पर जेल भेजा है। मामले का मुख्य आरोपी निर्मल सिंह मंडियानी अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पड़ताल में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी निर्मल सिंह पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग नामों से आधार कार्ड बनवाकर नए ठिकानों पर रहता था। उसने निर्मलजीत सिंह, जोनी, अमरिंदर सिंह, मानव जैन, सुखविंदर सिंह, बलजीत सिंह नाम से आधार बनवा रखे थे। ये है पूरा मामला…