लुधियाना में आज यानी शुक्रवार असिस्टेंट प्रोफेसरों ने सीएम मान का पुतला फूंका। जगराओं में 1158 असिस्टेंट प्रोफेसर एवं लाइब्रेरियन यूनियन ने पंजाब सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ढुडीके कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर किरणजीत कौर के नेतृत्व में मेन चौक, बस स्टैंड के पास थाना शहर जगराओं में आयोजित किया गया। यूनियन सदस्यों ने सीएम भगवंत सिंह मान का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने बताया कि पंजाब सरकार ने 18 सितंबर को यूनियन के साथ निर्धारित बैठक अंतिम समय पर स्थगित कर दी थी, सरकार ने अब 8 अक्तूबर तारीख रखी है, जिससे उनमें आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि उनकी बर्खास्तगी के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में तुरंत पुनर्विचार याचिका दायर की जाए। कोर्ट ने भर्ती रद्द करने का फैसला सुनाया था-यूनियन
यूनियन के वक्ताओं ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 14 जुलाई को 1158 असिस्टेंट प्रोफेसर एवं लाइब्रेरियन की भर्ती रद्द करने का फैसला सुनाया था। उनका कहना है कि यह फैसला न केवल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों के लिए प्रतिकूल है, बल्कि पंजाब की उच्च शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य पर भी नकारात्मक असर डालेगा। यूनियन की प्रमुख मांगों में 1158 भर्ती के अंतर्गत नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर एवं लाइब्रेरियन का रोजगार सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार और क्यूरेटिव याचिका दायर कर कोर्टरूम में सुनवाई करवाने, सीएम से तुरंत बैठक करने और सार्वजनिक बयान के माध्यम से नियुक्तियों को सुरक्षित करने का आश्वासन देने की मांग की गई है। इस धरने में बड़ी संख्या में प्रोफेसरों और पुस्तकालयाध्यक्षों ने भाग लिया। उन्होंने सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की।
