भीलवाड़ा में स्कूल लेक्चरर के ट्रांसफर के विरोध में धरने पर बैठी 7 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। छात्राएं सुबह से भूखी थीं। इसके चलते 2 छात्राएं बेहोश हो गईं, जबकि 5 अन्य बदहवास होकर रोने लगीं। इस पर टीचर्स और साथी स्टूडेंट्स ने पानी पिलाकर छात्राओं को संभाला। बेहोश हुईं छात्राओं को स्टाफ रूम में ले जाया गया, जहां डॉक्टर को बुलाकर उनका चेकअप करवाया और घर भेज दिया गया। इससे पहले SDM तान्या रिणवा धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से बात करने पहुंचीं। इस दौरान एक छात्र खड़ा होकर नारे लगाने लगा तो SDM भड़क गईं। SDM और छात्र के बीच बहस हो गई। एसडीएम ने छात्र से कहा- टीचर ने आपको पढ़ाया है तो अमेरिका की पांच नदियों के नाम बताओ। बच्चे ने जवाब देने से मना कर दिया। इस पर SDM ने कहा- आप नेता मत बनो। दरअसल, 11 जनवरी को नंदराय कस्बे के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल में पदस्थापित भूगोल के लेक्चरर शंकरलाल जाट का ट्रांसफर भीलवाड़ा के राजेंद्र मार्ग स्कूल में कर दिया गया था। इससे नाराज छात्र-छात्राएं 12 जनवरी को शाम करीब 4 बजे धरने पर बैठ गए। जब कोई अधिकारी सुनवाई के लिए नहीं पहुंचा तो छात्र रात को धरना स्थल पर ही सो गए। कड़ाके की ठंड के बाद भी बच्चे 3 दिनों से धरना स्थल पर ही सो रहे हैं। ट्रांसफर से नाराज छात्र-छात्राएं 14 जनवरी को टीसी कटवाने को तैयार हो गए। ग्रामीण और परिजन भी बच्चों का समर्थन करते हुए आंदोलन में साथ दे रहे हैं। 7 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
गुरुवार शाम करीब 5.30 बजे धरने पर बैठी 7 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। इसमें से 2 छात्राएं बेहोश गई, जबकि अन्य 5 बदहवास होकर रोने लगीं। सभी छात्राएं सुबह से भूखी थीं। छात्राओं के बेहोश होने पर स्कूल के टीचर्स और साथी छात्र छात्राओं को स्टाफ रूम में ले गए। डॉक्टर को मौके पर बुलाकर उनका चेकअप करवाया गया। इसके बाद उनको घर भेज दिया गया। सीनियर सेकेंडरी स्कूल में करीब 600 स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। पिछले 4 दिनों से धरने के चलते बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है। ग्रामीणों ने बच्चों के साथ दिया धरना
ग्रामीणों ने रात को बच्चों के साथ धरना दिया। उन्होंने कहा- बच्चों की खुशी में हमारी खुशी है। हमारी बस यही मांग है कि टीचर शंकर लाल जाट को वापस लाया जाए। इसी में बच्चों की भलाई है। हम बच्चों का भविष्य चाहते हैं। बच्चे इसी में सहमत है कि शंकरलाल वापस आ जाएं। 8 साल से उन्होंने बच्चों को पढ़ाया है। उनसे पढ़ने के लिए बच्चे उत्साहित हैं। इस दौरान बच्चों ने नारे भी लगाए शंकर सर का ट्रांसफर रद्द करो। जब जब छात्र बोला है राज सिंहासन डोला है। बेनतीजा रही SDM की बातचीत
इससे पहले दोपहर करीब 3 बजे एसडीएम तान्या रिणवा छात्र-छात्राओं से बात करने पहुंचीं। इस दौरान उनकी एक छात्र से बहस हो गई। SDM ने छात्र से कहा- अगर टीचर ने आपको पढ़ाया है तो आप मेरे क्वेश्चन का जवाब दो। अमेरिका की 5 नदियों के नाम बताओ। छात्र ने जवाब देने के लिए मना कर दिया तो SDM ने कहा- आप नेता मत बनो और जो पूछा जा रहा है उसका जवाब दो। आपको पता है आप किस से बात कर रहे हो। ये कोई तरीका है बात करने का। इस पर छात्र ने कहा- जब पेपर में क्वेश्चन आएगा तो मैं लिख दूंगा। इसके बाद SDM ने कहा- हमने आप लोगों की मांग मान ली है और हम यहां नहीं बताएंगे कि उनका ट्रांसफर कब होगा। जो भी कार्रवाई होगी वो डॉक्यूमेंट के अंदर कर दी जाएगी। इस पर बच्चे फिर से शोर मचाने लग गए। 11 ग्रामीणों को भेजा गया समन
SDM की समझाइश के बाद भी नहीं मानने पर 11 ग्रामीणों को समन भेजा गया है। इसमें धारा 126/135 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) के तहत भेजे नोटिस में लिखा- आप शांति भंग करने पर आमादा हैं। इसलिए आप 16 जनवरी को उपखंड मजिस्ट्रेट कोटड़ी के मजिस्ट्रेट ऑफिस में उपस्थित हो। कारण बताएं कि आपसे अगले 6 महीने शांति स्थापित करने की अपेक्षा कैसे की जाए। इसके लिए 10 हजार रुपए बॉन्ड (बंध पत्र) भरकर जमा करवाएं। पढ़ें ये खबर भी… रोने लगीं स्कूल के बाहर धरना दे रही छात्राएं:कड़ाके की ठंड में रातभर बैठे रहे स्टूडेंट, हवाई यात्रा करवाने वाले लेक्चरर के ट्रांसफर से नाराज भीलवाड़ा में एक शिक्षक (लेक्चरर) के ट्रांसफर से नाराज बच्चे धरने पर बैठ गए। 8 डिग्री तापमान के बीच स्टूडेंट ने पूरी रात धरना स्थल पर गुजारी। बच्चों का धरना मंगलवार को भी जारी है। धरने पर बैठी कुछ बच्चियां फूट-फूटकर रोने लगीं। (पढ़ें पूरी खबर)