झालावाड़ के सुनेल थाना क्षेत्र के सामिया गांव में दो कबाड़ी युवकों पर स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़ और अपहरण की कोशिश के आरोपों को लेकर विवाद बढ़ गया है। युवकों के परिजनों और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के नाम एडीएम रामचंद्र को ज्ञापन सौंपकर घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच की मांग की। मारपीट का वीडियो भी हुआ था वायरल समाज के प्रतिनिधिमंडल ने इम्तियाज हुसैन और अनीश अगवान की अगुवाई में ज्ञापन दिया। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले सामिया गांव में दो कबाड़ी युवकों पर स्कूली छात्राओं के अपहरण की कोशिश और मारपीट के आरोप लगे थे। घटना के बाद युवकों के साथ मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। प्रतिनिधिमंडल ने वीडियो वायरल करने और युवकों के साथ हुई मारपीट की भी जांच कर कार्रवाई की मांग की है। अखबार की रद्दी और कबाड़ खरीदने पहुंचे थे युवक ज्ञापन में बताया गया कि दोनों युवक मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के बोलिया के रहने वाले हैं। वे अखबार की रद्दी और कबाड़ खरीदने के लिए सामिया गांव स्थित सरकारी स्कूल के पास पहुंचे थे। प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चे घर लौट रहे थे। इसी दौरान युवकों के वहां मौजूद होने को लेकर कुछ बच्चों में गलतफहमी हो गई और वे घबराकर वहां से भागने लगे। ग्रामीणों ने पकड़कर लगाए आरोप, मारपीट का दावा प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि स्थिति को देखते हुए दोनों युवक भी वहां से चले गए थे। आरोप है कि इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया और छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की। इसी दौरान बनाए गए वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात भी सामने आई। वीडियो से लेकर घटनास्थल तक जांच की मांग परिजनों और समाज के लोगों ने दोनों युवकों को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि सच्चाई सामने लाने के लिए सभी पक्षों के बयान, घटनास्थल की स्थिति और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच की जानी चाहिए। दोषियों पर कार्रवाई, निर्दोषों को न्याय की मांग प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई हो और यदि दोनों युवक निर्दोष हैं तो उन्हें न्याय दिलाया जाए।
