जयपुर के चौमूं में मस्जिद के बाहर रेलिंग हटाने को लेकर फैले उपद्रव में पत्थरबाजी करने वाले 50 से ज्यादा आरोपी पकड़े गए हैं। पथराव में 6 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस उपद्रव के पीछे 40 साल से मस्जिद के बाहर अतिक्रमण होना बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने कई बार अतिक्रमण के कारण जाम लगने की शिकायत पुलिस थाने में की थी। अतिक्रमण हटाने को लेकर पिछले 3-4 महीने से पुलिस वार्ता कर रही थी। गुरुवार को कई घंटे वार्ता के बाद लोग अतिक्रमण हटाने को राजी हो गए थे। लेकिन आरोप है जैसे ही पुलिस वहां से हटी कुछ लोगों ने लोहे की रेलिंग लगाकर पक्का निर्माण शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस जब उसे हटवाने पहुंची तो उपद्रवियों ने जमकर पथराव किया। हालांकि कुछ ही घंटों में हालातों पर काबू पा लिया गया। एहतियातन चौमूं क्षेत्र में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। घटना के बाद मौके पर पहुंचकर भास्कर टीम ने हालातों को जाना। करीब 100 फीट अतिक्रमण से लगता था जाम चौमूं बस स्टेंड स्थित चौराहे पर कलंदरी मस्जिद है। लेकिन मस्जिद के बाहर ही करीब 100 फीट क्षेत्र पर अतिक्रमण किया गया था। इससे यातायात बाधित होता था। जानकारी के अनुसार इसे हटाने को लेकर कोर्ट ने स्टे दे रखा था। आरोप है कि कई बार पत्थर तो कई बार लोहे के सरिए डाल कर मनमाने तरीके से सड़क बाधित कर दी जाती थी। स्थानीय व्यापारी बाजार में जाम लगने की शिकायत कई बार चौमूं थाने में कर चुके थे। पुलिस टीम ने भी कई बार अतिक्रमण को हटाने के लिए वार्ता की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ समय पहले पुलिस ने यहां पर पुलिस गुमटी लगाकर ट्रैफिक व्यवस्था ठीक करने की कोशिश की। लेकिन गुमटी नहीं लगाने दी गई। अतिक्रमण बढ़ने के कारण 100 फीट चौड़ी मुख्य सड़क मस्जिद के पास 80 फीट ही रह जाती थी। स्थानीय निवासी मुकेश सैनी ने दावा किया कि सड़क से अतिक्रमण हट जाए, इसके लिए मस्जिद से करीब 200 मीटर दूरी पर नया धार्मिक स्थल बनाने के लिए जमीन भी दी गई थी। उस जमीन पर भी कब्जा दिया जा चुका था, लेकिन पुरानी जगह से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। गुरुवार को दिनभर चली वार्ता, सहमति भी हुई कई दिनों से चल रहे इस विवाद पर गुरुवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच वार्ता खत्म हो गई थी। मस्जिद कमेटी की ओर से मोहम्मद इशाद ने समझौते के दौरान मीडिया को बताया था कि इस इस मसले को लेकर पिछले 4 माह से वार्ता चल रही थी। सीआई चौमूं प्रदीप शर्मा की मौजूदगी में वार्ता सफल हुई। इस वार्ता में सर्व मुस्लिम समाज मौजूद था। बस स्टैंड पर कलंदरी मस्जिद में सन 1981 का यथास्थिति रखने का कोर्ट स्टे था। जो अतिरिक्त एरिया में पत्थर पड़े थे, उसे हटा लिया जाएगा। जिस से रास्ता पूरी तरह से खुल जाएगा। इसके बाद पुलिस टीम अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची थी। दो घंटे तक पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया। करीब एक ट्रोली पत्थरों को मुख्य सड़क से हटाकर मस्जिद के बाहर की दीवार के पास रख दिया गया था। शाम करीब 6 बजे पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया था। पुलिस के हटने के बाद पक्का निर्माण शुरू गुरुवार शाम 7 बजे जैसे ही पुलिस मौके से हटी, लोगों ने मस्जिद के पास ही लोहे के गाटर से रेलिंग बनाना शुरू कर दिया। करीब 25 फीट रेलिंग बनाई जा चुकी थी। इसी दौरान बजरंग दल के से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया और पुलिस थाना चौमूं को इसकी जानकारी दी। कोई एक्शन नहीं होने पर एसीपी चौमूं ऊषा यादव को फोन पर जानकारी दी। सूचना के बाद एसीपी और पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। मौके पर रेलिंग और पक्का निर्माण और अतिक्रमण होते देख उसे हटाने के लिए कहा। अतिक्रमण करने वाले गुट ने एतराज जताया और पुलिस का विरोध शुरू कर दिया। करीब 8 बजे से रात करीब 2 बजे तक पुलिस उनसे वार्ता करती रही, लेकिन रेलिंग को छोटा करने या हटाने पर सहमति नहीं बनी। प्रशासन ने अतिक्रमण पूरी तरह से हटाने को कहा, लेकिन लोग सहमत नहीं हुए। ऐसे में रात करीब 3 बजे पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अतिक्रमण की गई रेलिंग को मौके से हटाने के लिए जेसीबी बुलाई गई। रेलिंग हटाने का काम जैसे ही शुरू हुआ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जवाब में पुलिस ने भी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस बीच भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में 6 पुलिसकर्मी बुरी तरह से जख्मी हो गए। विरोध बढ़ता देख कंट्रोल रूम को सूचना देकर जाब्ता बुलवाया गया। रात करीब 4.30 बजे एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजीव पचार पहुंचे, इसके बाद स्पेशल पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश भी मौके पर पहुंच गए। दोनों अधिकारी भारी पुलिस जाब्ते के साथ पथराव कर रहे लोगों के घरों में घुसे और करीब 50 लोगों को डिटेन किया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भास्कर टीम ने जयपुर स्पेशल पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश से बात की सवाल : चौमूं में विवाद कैसे हुआ? जवाब : गार्डर लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, इसके बाद एक पक्ष ने पथराव किया। उसमें कुछ लोगों को चोट भी लगी। उसी समय पुलिस को तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। सवाल : इस मस्जिद पर विवाद था और इसके कारण स्टे भी लगा हुआ था, अतिक्रमण वाली क्या बात थी जिसके कारण पथराव हुआ? जवाब : उसे हम अभी क्लेरीफाई करने की कोशिश कर रहे हैं कि उस में क्या ट्रिगर पॉइंट था। सवाल : प्रथम दृष्टया क्या कारण सामने आया है? जवाब : रात से ही हम लोग आए हैं, जिसके बाद से निरंतर लॉ एंड ऑर्डर की स्थित संभाल रहे हैं, इस विषय में भी एक बार बैठ कर विश्लेषण करेंगे तब ही बताएंगे। सवाल : क्या जब फोर्स अंदर गई तब भी पुलिस पर पथराव हुआ? जवाब : फोर्स को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया था, लेकिन लोगों को समझाया दिया गया था। जिन लोगों ने विरोध किया उन लोगों को डिटेन कर लिया गया था। सवाल : पथराव के दौरान आमजन और पुलिस के कितने लोग घायल हुए,कितने लोगों को डिटेन किया गया? जवाब : पूरी जानकारी मेरे पास नहीं है लेकिन कुछ लोगों को चोट लगी है। यह भी पढ़ेंः चौमूं में पुलिस से भिड़े उपद्रवी, पथराव, इंटरनेट बंद:रेलिंग लगाने पर विवाद, 6 पुलिसवालों के सिर फूटे, 50 पत्थरबाजों को पकड़ा चौमूं (जयपुर) में शुक्रवार सुबह मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर विवाद हो गया। उपद्रवियों के पथराव में कई पुलिसवालों के सिर फूट गए। बवाल कर रही भीड़ के हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। विवाद चौमूं कस्बे के बस स्टैड के पास सुबह 3 बजे हुआ…(CLICK कर पढ़ें)