वसंत पंचमी पर शुक्रवार को झीलों के शहर में मौसम का मिजाज ही बदल गया। वजह पहाड़ों में बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) है। बादलों ने घेरा डाला तो अधिकतम तापमान 1.7 डिग्री गिरकर 25.4 पर आ गया। हालांकि, इसके बावजूद दिन सामान्य से 0.9 डिग्री ज्यादा गर्म रहा। रात तो सामान्य से 6.8 डिग्री ज्यादा गर्म रही। न्यूनतम तापमान एकाएक 4.2 डिग्री बढ़कर 14.4 डिग्री हो गया। जनवरी में औसत अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 24.5 और 7.6 डिग्री तय है। शहर में दिनभर वासंती बयार बहती रही। सूखी हवाओं के साथ धूल-पत्ते उड़ते रहे। सुबह 9 से 11 बजे तक 13 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। यह शाम करीब 4 बजे तक 10 किलोमीटर और उसके बाद 5 बजे तक 15.2 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई। इस बीच धूप-छांव का खेल भी चला। शाम ढले एक बार फिर ठंडक पसर गई। आने वाले दिनों में सर्दी का असर एक बार फिर से तेज होने की संभावना है। रात का पारा 7 डिग्री तक गिर सकता है। भास्कर एक्सपर्ट- डॉ. आर.एस. देवड़ा, मौसम विशेषज्ञ आगे क्या : लौटेगी सर्दी, छाए रहेंगे बादल, मावठ भी संभव
उत्तर-पश्चिमी भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसी से पश्चिमी हिमालय में बर्फबारी के साथ ही राजस्थान में वर्षा और ओले गिरे हैं। मेवाड़ सहित दक्षिणी राजस्थान में भी मावठ और ओले गिरने की संभावना है। उत्तर से चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण तापमान में कमी होगी और एक बार फिर से गलन वाली सर्दी का अहसास होगा। बादल छाए रहेंगे।
