चैट जीपीटी से नकली नोट बनाने का तरीका सीखा। अमेजन- फ्लिपकार्ट से प्रिंटर समेत अन्य सामान ऑनलाइन खरीदा। इसके बाद एक किराए के कमरे में नकली नोट बनाने का काम शुरू कर दिया। यह खुलासा चित्तौड़गढ़ जिले में नकली नोट बनाने वाले गिरोह ने किया है। पुलिस ने मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनसे पूछताछ जारी है। विजयपुर थानाधिकारी प्रभुसिंह चुंडावत ने बताया- नकली नोट चलाते हुए 17 सितंबर को कोतवाली थाना क्षेत्र से आसिफ अली (27) पुत्र नूर मोहम्मद और आदिल खान (27) पुत्र अब्दुल गफूर खान निवासी सारोला, झालावाड़ के साथ ही शाहनवाज खान (27) पुत्र मंसूर अहमद, निवासी कैथून, कोटा को पकड़ा था। आरोपियों के पास से 500-500 रुपए के नकली नोट बरामद हुए थे। मामले की जांच कोतवाली से विजयपुर थानाधिकारी को सौंपी गई। पुलिस के अनुसार- गिरोह का मास्टरमाइंड आसिफ था। उसके पास से 500 रुपए के 13 नकली नोट मिले। वहीं, आदिल से 500 रुपए के 6 और शाहनवाज से 500 रुपए के 11 नकली नोट बरामद किए गए थे। तीनों के पास मिले करीब 15 हजार रुपए के नकली नोट मिले, सभी नोट एक ही सीरीज के थे। इसके बाद पुलिस ने तीनों पर शिकंजा कसा और तीनों ने रिमांड में कई खुलासे किए। किराए के कमरे से चला रहे थे फर्जी धंधा
थानाधिकारी ने बताया- झालावाड़ में आरोपियों ने अपने ही गांव सारोला के दूसरे मोहल्ले ने एक किराए का कमरा लिया था। मकान मालिक को यह कह रखा था कि वे ऑनलाइन कंप्यूटर का काम करते हैं। जबकि हकीकत में उसी कमरे में नकली नोट बनाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके पर जाकर वहां से प्रिंटर, खास किस्म का पेपर, इंक, केमिकल, हरी टेप, सांचा (फॉरमेट), और वाटरमार्क तैयार करने का लकड़ी का फ्रेम बरामद किया। अमेजन और फ्लिपकार्ट से मंगवाया सामान
पुलिस ने पूछताछ की, जिसमें सामने आया कि आरोपियों ने नकली नोट तैयार करने के लिए ज्यादातर सामान अमेजन और फ्लिपकार्ट प्लेटफॉर्म से ऑनलाइन खरीदा था। इसमें प्रिंटर, पेपर और अन्य जरूरी सामान शामिल था। चैटजीपीटी ऐप और सोशल मीडिया पर नकली नोट तैयार करने का पूरा तरीका सीखा, फिर उसका प्रयोग करते हुए नकली नोट तैयार किए। बाजार में ऐसे चलाते थे नकली नोट
पूछताछ में आरोपियों ने बताया- नकली नोट चलाने के लिए वे चित्तौड़गढ़ शहर में पावटा चौक और उसके आसपास का इलाका चुनते थे। यहां पर रेहड़ी-ठेले लगाने वाले, सब्जी बेचने वाले, बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे लोगों को टारगेट बनाते थे। आरोपी कुछ सामान खरीदते और भुगतान नकली 500 रुपए के नोट से कर देते थे। इस तरह वे बाजार में नकली नोट खपाने का प्लान चलाते थे। पहचान वाले इलाकों में नकली नोट नहीं चलाते थे। आने-जाने के लिए फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक का इस्तेमाल करते थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने चित्तौड़गढ़ में भी एक रूम किराया पर ले रखा था। ……………… ये खबर भी पढ़िए… चित्तौड़गढ़ में नकली नोट से सामान खरीद रहे 3 पकड़े:एक ही सीरीज की फेक करेंसी बरामद हुई, 3 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी चित्तौड़गढ़ में नकली नोट गैंग का पर्दाफाश:500-500 के 30 फर्जी नोटों के साथ 3 बदमाश गिरफ्तार
