राजस्थान क्राइम फाइल्स में आज चूरू के सरदारशहर का 51 साल पुराना केस। सरदारशहर के मितासर गांव के बाहर एक युवक का शव मिला। वह चीनी का सौदा करने घर से निकला था, लेकिन लौटा नहीं। पत्नी को गांव के बाहर शव मिलने की बात पता चली। वह गांव के बाहर पहुंचीं। शव देखकर स्तब्ध रह गई। समझ नहीं आया कि पति की हत्या किसने कर दी। लहूलुहान शव देख कर वह बिलखने लगी। उसके मन में सवाल उठ रहे थे कि इस बेरहमी से कोई कैसे मार सकता हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 24 फरवरी 1974 को सुबह लगभग 10 बजे सरदारशहर के मितासर गांव में सनसनी फैली थी। हर कोई आपस में बात करता नजर आ रहा था कि किसी ने गांव के बाहर संकरे रास्ते पर कोई शव देखा है। गांव में रह रही मुसमत तक भी यह बात गई तो उसे चिंता हाे गई। मुसमत के पति रामूराम 23 फरवरी की रात 11 बजे के करीब चीनी लेने गए थे। सुबह तक वापस नहीं लौटे। इस पर मुसमत ने जब यह बात गांव वालों से सुनी कि कोई शव गांव के बाहर संकरे रास्ते पर पड़ा है तो उसे अनहोनी का डर सताने लगा। मुसमत गांव के बाहर उसी संकरे रास्ते पर गई, जहां शव पड़े होने की बात गांव वाले कर रहे थे। मुसमत वहां पड़े शव को देखकर सन्न हो गई। शव उसके पति रामूराम का था। मुसमत शव के पास बैठ कर रोने लगी। उसे यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसके पति की हत्या किसने और क्यों की? रामूराम ने किसी से भी कोई दुश्मनी होने की बात उसे कभी नहीं बताई थी। इतने में वहां मुसमत का देवर भी पहुंचा। वह भी अपने भाई के शव को देखकर रोने लगा। फिर उसने अपनी भाभी से पूछा कि रात में रामूराम यहां तक कैसे पहुंचा। मुसमत ने बताया कि रात को 10.50 के करीब रामू का दोस्त मोहन दो व्यक्तियों के साथ आया था। मोहन के साथ आए व्यक्तियों ने रामू को कहा कि गांव के बाहर संकरे रास्ते पर एक चीनी का ट्रक खड़ा है। वहां चीनी देख कर सौदा कर लें। उन्होंने रामू को पैसा साथ लेकर चलने को कहा। कहा कि वहां से चीनी ले लेना। रामू 200 रुपए लेकर घर से चला गया। सुबह तक वापस नहीं लौटा। मुसमत ने कहा कि वह लोग उसके पति की हत्या कर देंगे, ऐसा लग नहीं रहा था। सभी ने घर पर बैठ कर चाय पी थी। उनकी बातों से भी ऐसा कुछ नहीं लगा। मोहन तो रामू का दोस्त था और दूर का रिश्तेदार भी। वह ऐसा नहीं कर सकता। भाभी मुसमत की बात सुनकर सूरजाराम के भी जेहन में सवाल उठने लगे आखिर भाई रामू की हत्या किसने कर दी। उसे भी भाई से किसी की दुश्मनी हो, ऐसा कुछ याद नहीं आ रहा था और न ही भाई ने ऐसी कोई बात कभी कही। सुरजाराम सरदारशहर पुलिस स्टेशन पहुंचा और एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। उन लोगों की तलाश भी शुरू की जो रात में रामू के घर पर आए थे। पुलिस पहले पूछताछ के लिए मोहन के पास पहुंची। वह घर पर नहीं था। उसकी तलाश की तब वह 28 फरवरी को बालमुकंद, दुलीचंद यासिन व बलवीर सिंह के साथ मिला। पुलिस ने शक के आधार पर सभी को हिरासत में ले लिया। कल राजस्थान क्राइम फाइल्स, पार्ट-2 में पढ़िए इन सभी सवालों के जवाब…
