चंडीगढ़ में एक युवक को रास्ते में रोककर जबरन कार्यालय ले जाने, मारपीट करने और डरा-धमका कर डिजिटल माध्यम से पैसे ट्रांसफर कराने के साथ-साथ चेक भरवाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हल्लोमाजरा निवासी 26 वर्षीय मनीष कुमार की शिकायत पर पुलिस ने पूर्व पार्षद रेनू नेहरू के पति पवन नेहरू और जसपाल ग्रेवाल उर्फ मक्का सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में तीन अन्य आरोपियों की पहचान होना अभी बाकी है। पीड़ित मनीष कुमार ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह 7 अगस्त को शिवालिक विहार गेट के पास अपने एक दोस्त से मिलने गया था। वहां से जब वह वापस लौट रहा था, तो कुछ लोगों ने उसे रास्ते में घेर लिया। आरोपियों ने जबरन उसकी एक्टिवा स्कूटर की चाबी और मोबाइल फोन छीन लिया। मनीष के अनुसार, उन लोगों ने कहा कि उसे पवन नेहरू ने अपने कार्यालय में बुलाया है। जब मनीष ने जाने से इनकार किया, तो उसके साथ धक्का-मुक्की की गई और उसे जबरन दफ्तर ले जाया गया। थप्पड़ मारे, मोबाइल का पासवर्ड लेकर कराए ट्रांसफर शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्यालय ले जाने के बाद आरोपियों ने उससे पैसों की मांग की। जब उसने विरोध किया, तो एक आरोपी ने उसके कान पर कई थप्पड़ जड़े। इसके बाद आरोपियों ने डरा-धमका कर उसके मोबाइल का पासवर्ड हासिल कर लिया और Google Pay के जरिए कुल 1,800 रुपए जबरन ट्रांसफर करवा लिए। चेकबुक छीनकर 31 हजार का चेक भरवाया, बनाया वीडियो मनीष ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसकी चेकबुक पर जबरन हस्ताक्षर करवाए और 31 हजार रुपए की रकम का चेक भरवा लिया। यही नहीं, आरोपियों ने एक कागज़ (दस्तावेज) भी तैयार करवाया, जिसमें मनीष द्वारा दो महीने के भीतर यह रकम चुकाने की बात लिखवाई गई है। युवक का दावा है कि इस पूरी वारदात के दौरान आरोपियों ने उसका एक वीडियो भी बनाया और पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर छोड़ दिया। अस्पताल में भर्ती हुआ पीड़ित, साक्ष्यों की जांच में जुटी पुलिस कथित मारपीट के कारण मनीष के कान और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल ढकोली में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की सलाह और मेडिकल रिपोर्ट के बाद पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब इस मामले में Google Pay से हुए डिजिटल लेन-देन, 31 हजार रुपए के चेक, हस्ताक्षरित दस्तावेज और कथित वीडियो समेत घटनास्थल के आसपास के अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।
