चंडीगढ़ नगर निगम के सभी परमानेंट, कच्चे और आउट सोर्स कर्मचारियों के लिए नया नियम लागू किया गया है। नगर निगम प्रबंधन ने सभी 10,930 कर्मचारियों को अब फेस ऑथेंटिकेशन अटेंडेंस करना जरूरी हो गया है। इसके लिए सभी कर्मियों को 30 अक्टूबर तक डाटाबेस में पंजीकरण करवाने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही 1 नवंबर से अपने स्मार्टफोन या फिर नजदीक के बायोमेट्रिक मशीन पर जाकर हाजिरी लगानी जरूरी होगी, नहीं तो वेतन काट लिया जाएगा। कमिश्नर ने जारी किए आदेश
नगर निगम चंडीगढ़ के कमिश्नर अमित कुमार द्वारा यह आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की कुशल और पारदर्शी उपस्थिति प्रबंधन के लिए सभी विंग और डिविजनों के लिए फेस ऑथेंटिकेशन आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) लागू होगी। फेस ऑथेंटिकेशन जरूरी यह प्रणाली हाजिरी दर्ज करने के लिए व्यक्तिगत स्मार्टफोन के माध्यम से चेहरे के ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य बनाती है, जिससे आधुनिक, सटीक और जवाबदेह उपस्थिति तंत्र सुनिश्चित होता है।
नगर निगम कमिश्नर ने एईबीएएस प्रणाली की प्रगति और संचालन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की है। व्यापक प्रशिक्षण सत्र हो चुके आयोजित इसके लिए नगर निगम के सभी विंग, शाखा और प्रभाग के सभी नोडल अधिकारियों के लिए पहले ही व्यापक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए हैं। आयुक्त ने सभी नोडल अधिकारियों/एसपीओसी/पर्यवेक्षकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उनके अधीन प्रत्येक कर्मचारी हाजिरी इसी तरह से दर्ज करें। यदि किसी कर्मचारी को उपस्थिति दर्ज करने में कठिनाई होती है, तो संबंधित पर्यवेक्षक विसंगतियों से बचने के लिए तुरंत अपने स्मार्टफोन या पास की बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने में सहायता प्रदान करेगा।
