जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर एसी स्लीपर बस में आग लग गई। हादसे के समय बस में 57 यात्री थे। 20 यात्रियों की मौत हो गई। 15 यात्री घायल हुए हैं। सभी घायलों को जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। जिनके इलाज में डॉक्टरों की टीम जुटी हुई है। हादसे गंभीर रूप से झुलसे 16 लोगों को घटनास्थल से जोधपुर तक करीब 275 किमी ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर लाया गया। इसमें ज्यादातर यात्री 70 प्रतिशत तक झुलस गए थे। एक बुजुर्ग की रास्ते में ही मौत हो गई। 5 दिन पहले ही जोधपुर के इक्कू ने नई बस खरीदी थी। जो जैसलमेर में आग का गोला बन गई। हादसे में घायल युवक आशीष की मां ने कहा- आग लगने के बाद ड्राइवर ने 800 मीटर गाड़ी दौड़ाई। मेरे जैसी कई मां हैं जो रो रही होंगी, चिल्ला रही होंगी। उन्होंने सीएम से भी मिलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। वहीं, जोधपुर के बालेसर के लावारान शेतरावा निवासी महेंद्र, उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हादसे का शिकार हो गए। सभी के इसी बस में बैठने की पुष्टि वहां लगे सीसीटीवी फुटेज में भी हुई है। महेंद्र जैसलमेर में गोला बारूद डिपो में पोस्टेड थे। वे जैसलमेर के इंद्रा कॉलोनी में किराए पर रहते थे। आर्मी के अधिकारी भी उनके बारे में पता लगाने में जुटे हुए हैं। घटना से जुड़ी तस्वीरें
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