हनुमानगढ़ में गेहूं खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सोमवार को किसानों, व्यापारियों और मजदूर संगठनों ने कलेक्ट्रेट के सामने धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने खरीद में आ रही समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल समाधान की मांग की। सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्लॉट सिस्टम हटाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कई दिक्कतें बरकरार हैं। किसानों और व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन के आधार पर खरीद, बायोमैट्रिक में तकनीकी परेशानी, पोर्टल में एंट्री की समस्या और प्रति बीघा खरीद सीमा जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। मजदूर संगठनों ने भी अव्यवस्थित खरीद के कारण रोजगार प्रभावित होने की बात कही।
धरना-प्रदर्शन के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकांश मांगों पर सहमति जताई और जल्द सुधार का आश्वासन दिया। खरीद एजेंसियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार गेहूं खरीद प्रणाली तय करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, प्रति हेक्टेयर गेहूं खरीद की सीमा बढ़ाने के मुद्दे पर राज्य स्तर पर पत्र लिखने की बात कही गई। आंदोलन से जुड़े नेताओं ने बताया कि प्रशासन को व्यवस्था सुधारने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में गेहूं खरीद प्रक्रिया सुचारू नहीं हुई और किसानों को राहत नहीं मिली, तो दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। हालांकि, सभा के दौरान बीच-बीच में तनावपूर्ण स्थिति भी बनी, लेकिन प्रशासन और आंदोलन के नेताओं ने इसे संभाल लिया। शाम होते-होते आंदोलन शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।
