-इंदिरागांधी नहर को पांच जनवरी तक चार में दो समूह में चलाने के रेग्यूलेशन पर बनी सहमति-अनुमान के मुताबिक इनफ्लो नहीं आने पर 18 दिसम्बर के बाद रेग्यूलेशन की करेंगे समीक्षाहनुमानगढ़. इस बार किसान रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बिजाई समय पर कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें मांग के अनुसार सिंचाई पानी मिलेगा। इसके तहत इंदिरागांधी नहर में पांच जनवरी 2026 तक चार में दो समूह का रेग्यूलेशन स्वीकृत हो गया है। शुक्रवार को जंक्शन में जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी की अध्यक्षता में हुई जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में उक्त रेग्यूलेशन पर सहमति बनी। बैठक में किसान प्रतिनिधि लगातार छह महीने तक इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह में चलाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान मुख्य अभियंता ने राजस्थान को आवंटित पानी का हवाला देकर शेयर की स्थिति साफ की। इसके बाद कुछ सदस्य जनवरी तक आईजीएनपी में चार में दो समूह में चलाने की मांग करने लगे। मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस बैठक में पांच जनवरी तक इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह में चलाने का रेग्यूलेशन भले मंजूर किया गया है। परंतु अनुमान के मुताबिक इनफ्लो नहीं रहने पर 18 दिसम्बर के बाद रेग्यूलेशन की समीक्षा की जा सकती है। इस बात पर सदस्यों ने सहमति जताई है। यदि अनुमान के मुताबिक इनफ्लो आते हैं तो जनवरी तक चार में दो समूह का रेग्यूलेशन निरंतर जारी रहेगा। इस तरह इस बार रबी सीजन में शुरआती पांच बारी 4 में से 2 समूह की मिलने से किसान रबी फसलों की बिजाई समय पर कर सकेंगे। बैठक में श्रीगंगानगर सांसद कुलदीप इंदौरा, हनुमानगढ़ जिला प्रमुख कविता मेघवाल, खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, रायसिंहनगर विधायक सोहन नायक, अनूपगढ़ विधायक शिमला देवी, कांग्रेस नेता मनीष गोदारा, जयदेव भिड़ासरा, किसान नेता प्रताप सिंह सूडा, अमित कोचर, जल संसाधन विभाग के एसई केएल बैरवा, शिवचरण रैगर, रामाकिशन सहित अन्य किसान प्रतिनिधि व विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले बैठक की शुरुआत में मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी ने बांधों में पानी की उपलब्धता से जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया। जनप्रतिनिधियों ने मांग रखी कि इस बार पौंग बांध भर गया है। इसलिए रबी सीजन की मुख्य फसल सरसों और गेहूं की बिजाई के लिए वर्तमान में लागू चार में से दो ग्रुप का वरीयताक्रम यथावत रखा जाए। मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की मांग व बांधों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए 5 जनवरी 2026 तक चार में से दो ग्रुप चलाने का निर्णय लिया गया है। पानी में उतार-चढ़ाव होने की स्थिति में 18 दिसम्बर को बैठक बुलाकर रिव्यू किया जाएगा। इससे पहले बैठक शुरू होते ही कुछ विधायकों ने समय पर बैठक की सूचना नहीं देने पर नाराजगी जाहिर की। विधायकों का कहना था कि कम से कम सात दिन पहले बैठक का नोटिस सभी को मिलना चाहिए।