सवाई माधोपुर के कुशालीदर्रा स्थित शहीद स्थल पर कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला सहित आंदोलन के दौरान शहीद हुए गुर्जर समाज के शहीदों की मूर्ति लगाने को लेकर गुर्जर समाज लामबंद होने लगा है। कुशाली दर्रा पर मूर्ति लगाने को लेकर आज गुर्जर समाज का एक प्रतिनिधि मंडल प्रशासन से मिला और शहीदों की मूर्ति लगाने की अनुमति देने की मांग की। प्रशासन से मिलने के बाद गुर्जर समाज के लोगों ने प्रशासन अनुमति दे या नहीं दे, 14 नवम्बर को शहीदों की मूर्ति लगाने का ऐलान कर दिया। प्रशासन से मिला गुर्जर समाज का प्रतिनिधि मंडल अखिल भारतीय गुर्जर देव सेना के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष रंगलाल गुर्जर ने बताया कि गुर्जर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने 14 नवम्बर को कुशालीदर्रा स्थित शहीद स्थल पर कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला सहित गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान शहीद हुए गुर्जर समाज के शहीद कन्हैया लाल गुर्जर व राधेश्याम गुर्जर की मूर्ति लगाने को लेकर प्रशासन से मुलाकात की और अपनी भावना से अवगत कराया। बोले- हर हाल में मूर्ति लगा कर रहेंगे जिला कलेक्टर कानाराम व SP अनिल कुमार बेनीवाल ने तीन-चार दिन में सीमा ज्ञान करा कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन गुर्जर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने किसी भी सूरत में 14 नवम्बर को मूर्ति लगाने का आह्वान किया है। गुर्जर समाज के लोगों का कहना है कि समाज द्वारा प्रशासन को कई बार अवगत करवा दिया गया। किन मूर्ति लगाने को लेकर हर बार प्रशासन द्वारा कोई ना कोई अड़ंगा लगा दिया जाता है। गुर्जर समाज के लोगो का कहना है कि इस बार समाज ने तय कर लिया है कि 14 नवम्बर को हर हालत में कुशाली दर्रा पर कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला सहित शहीदों की मूर्ति लगाई जाएगी। इसके लिए प्रशासन अनुमति देता है तो ठीक, नहीं तो समाज बिना प्रशासन की अनुमति के ही मूर्ति लगा,गा। इसके लिए भले ही उन्हें किसी भी हद तक क्यों न जाना पड़े गुर्जर समाज के लोगो का कहना है कि प्रशासन द्वारा उन्हें तीन नवम्बर तक का वक्त दिया गया है। प्रशासन से 2-2 हाथ करने में भी पीछे नहीं हटेगा समाज उसके बाद समाज के लोग गांव गांव जाकर बैठकें करेंगे और 14 नवम्बर को शहीद स्थल पर अधिक से अधिक समाज के लोगो को एकत्रित करने के लिए पीले चांवल बांटे जाएंगे। उनका कहना है कि 14 नवम्बर को कुशाली दर्रा स्थित शहीद स्थल पर हजारों की संख्या में गुर्जर समाज के लोग एकत्रित होंगे और कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला सहित शहीदों की मूर्ति की स्थापना की जायेगी ,इसके लिए अगर समाज को प्रशासन से दो-दो हाथ भी करना पड़ेगा तो गुर्जर समाज पीछे नहीं हटेगा।
