गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। मांगों को लेकर अब तक फैसला नहीं होने पर कहा- कमेटी काम करने की बजाय भाषण कर रही है। हमें दूसरा तरीका भी आता है। हम जब मीटिंग करते हैं तो ट्रेन रुक जाती है। बैंसला बुधवार को दौसा के पांचोली गांव में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक में बोल रहे थे। इस बैठक में 8 जून को भरतपुर के बयाना इलाके के कारवारी शहीद स्मारक (पीलूपुरा) में महापंचायत में मांग पत्रों पर निर्णय नहीं होने पर नाराजगी जताई। बैठक में गुर्जर समाज के लोगों ने चेतावनी दी- 30 दिनों में मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की घोषणा की जाएगी। हालांकि बैंसला ने मुख्यमंत्री पर भरोसा जताते हुए जल्द समाधान कराने की मांग की। बैंसला बोले- कमेटी के मन में खोट
बैंसला ने कहा- पीलूपुरा महापंचायत में हुए समझौते के बाद मंत्रिमंडल उप समिति ने मीटिंग कर कई लंबित मुद्दों के समाधान की बात कही, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। शहीद रूपनारायण के आश्रित को नौकरी नहीं मिली, भर्तियों का बैकलॉग नहीं भरा गया और केस भी वापस नहीं लिए। ऐसे में कैबिनेट सब कमेटी की ओर से समाज को भ्रमित किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा- समझौते की पालना नहीं होने के पीछे कैबिनेट सब कमेटी की कमी है। गुर्जर समाज की कोई कमी नहीं है। क्योंकि समझौते की पालना के लिए 60 की बजाय 147 दिन दिए। हम सरकार पर विश्वास करते हैं, लेकिन कैबिनेट सब कमेटी कुछ काम तो करें। कमेटी काम करने की बजाय भाषण और प्रेस कॉन्फ्रेंस ही करेगी तो वह काम तो संघर्ष समिति भी अच्छे से कर सकती है। लेकिन उसका तरीका दूसरा होता है और जब हम मीटिंग करते हैं तो वहां रेल रुक जाती है। विजय बैंसला ने कहा- मुख्यमंत्री से आग्रह है, संज्ञान लेकर कुछ करिए। रूपनारायण के आश्रित को नौकरी देने की चिट्ठी पर कलम घुमाने में ही समय लग रहा है। मृतक के परिजन रोते हुए आते हैं, क्या सरकार पूरी तरह पत्थर दिल हो गई है। समझौते के अनुसार जून के महीने में संघर्ष समिति और सब कमेटी की मीटिंग करनी थी, लेकिन आज तक कोई मीटिंग नहीं हुई। 30 दिन बाद ढंग से समझाने का समय आ जाएगा
इस दौरान रूपनारायण के आश्रित को नौकरी देने के मामले में परिवार की महिलाएं रोते हुए बैंसला के पास पहुंचीं। इस पर वे बोले- आपको और हमको परिवार की परेशानी समझ आ रही है, लेकिन सरकार में बैठे समाज के लोगों को यह स्थिति समझ में नहीं आ रही है। 30 दिन बाद ढंग से समझाने का समय आ जाएगा, क्योंकि पीड़ित परिवार के आंसू हम नहीं देख सकते। 30 दिन तक कमेटी के तीनों मंत्री जहां भी मिले उनसे इस बारे में सवाल जरूर पूछना चाहिए। मुद्दों को लेकर सरकार गंभीर नहीं
आरक्षण संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष भूरा भगत ने कहा- सरकार के मंत्रियों की समिति गुर्जर समाज की लंबित मांगों को पूरा करने के लिए गंभीर नहीं है। यदि सरकार ने मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो गुर्जर समाज चुप नहीं बैठेगा। पदाधिकारी चरण सिंह बैंसला ने कहा- राज्य सरकार में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम कमेटी में होने के बावजूद मुद्दों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इन मुद्दों पर हुई चर्चा …………. ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान में गुर्जर समाज के लोगों ने ट्रेन रोकी:2 घंटे बाद ट्रैक से हटे; महापंचायत खत्म होने के बावजूद विरोध पर अड़े थे राजस्थान में गुर्जर महापंचायत खत्म होने के बाद समाज के लोगों ने भरतपुर के पीलूपुरा में ट्रेन रोक दी। भीड़ पटरियों पर पहुंची और कोटा-मथुरा पैसेंजर को रोक दिया। दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को दो घंटे (4.30 से 6.30 बजे) तक जाम किया। (पढ़ें पूरी खबर)