गुरदासपुर जिले में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान मनिंदर सिंह का 7वां बलिदान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उनके परिवार ने पंजाब सरकार से छोटे बेटे लखवीश सिंह अत्री को प्रमोट कर अधिकारी बनाने की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि यह शहीद मनिंदर सिंह का भी सपना था। बता दे कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हुए फिदायीन हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इन्हीं शहीदों में दीनानगर के सीआरपीएफ की 75 बटालियन के कांस्टेबल मनिंदर सिंह भी शामिल थे।
शहीद को दी श्रद्धांजलि शहीद मनिंदर सिंह के बलिदान दिवस पर गुरदासपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम)-सह-सचिव जिला कानूनी प्राधिकरण, हरप्रीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ 25 मैक यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विश्वनाथ सीजी और 3 जैक एल.आई. यूनिट से लेफ्टिनेंट बी.एस. नेगी ने भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
बेटे को प्रमोशन देने की मांग इस दौरान शहीद परिवार ने बताया कि बड़े बेटे मनिंदर सिंह की शहादत के बाद उनके छोटे बेटे लखवीश सिंह अत्री को पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती किया गया था। लखवीश पहले सीआरपीएफ में कांस्टेबल थे और उन्हें इसलिए पंजाब पुलिस में लिया गया ताकि वे जिले में रहकर अपने बुजुर्ग पिता की सेवा कर सकें। परिजनों ने सरकार से की मांग पिता ने सरकार से मांग की है कि लखवीश सिंह अत्री को तरक्की देकर अधिकारी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि उनके बड़े बेटे मनिंदर सिंह का भी अधिकारी बनने का सपना था, जिसे अब छोटे बेटे की तरक्की से पूरा किया जा सकता है। परिवार ने यह भी बताया कि सरकार ने अभी तक लखवीश को कोई तरक्की नहीं दी है।