बाड़मेर के धोरीमन्ना में किसानों और प्रशासन के बीच 12 घंटे चली वार्ता के बाद सहमति बन गई। गुड़ामालानी के किसान अपनी मांगों को लेकर 200 ट्रैक्टरों के साथ बाड़मेर कलेक्ट्रेट का घेराव करने निकले थे। किसानों की प्रमुख मांगों में अनुदान, फसल मुआवजा, बिजली संबंधी समस्याएं और जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान का समाधान शामिल था। उन्होंने अपनी मांगें पूरी न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। इससे पहले, किसान गुड़ामालानी के अहिंसा सर्किल तहसील गेट के सामने एकत्र हुए थे। वहां उचित समाधान न मिलने पर उन्होंने बाड़मेर की ओर कूच किया। गुड़ामालानी से रवाना होते समय ट्रैक्टरों की संख्या 200 थी। तीन बार वार्ता रही थी विफल धोरीमन्ना और गुड़ामालानी के बीच प्रशासन ने किसानों से तीन बार वार्ता का प्रयास किया, लेकिन वे विफल रहे। इसके बाद, प्रशासन ने ट्रैक्टरों को धोरीमन्ना से 200 मीटर पहले किसान छात्रावास के सामने रोक दिया। लगभग 5 घंटे तक रोके रखने के बाद वार्ता फिर से शुरू हुई। आखिरकार, करीब 12 घंटे का समय बीतने के बाद रात 11 बजे प्रशासन ने किसानों की सभी मांगें मान लीं। यह प्रदर्शन 5 दिसंबर को किसानों और जनप्रतिनिधियों द्वारा गुड़ामालानी एसडीएम को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने के बाद शुरू हुआ था। तब एसडीएम और किसानों के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें किसानों ने 9 दिसंबर तक समस्याओं के समाधान का अल्टीमेटम दिया था और समाधान न होने पर जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करने की बात कही थी।