नमस्कार थप्पड़ और लात मारने के लिए मशहूर नेताजी फूट-फूट कर रो पड़े। दुश्मन के दुश्मन ने अस्पताल में आकर हाल-चाल पूछा, माथा चूमा तो गंगा-यमुना बहने लगी। अब लोग पूछ रहे हैं-संगम होगा कि नहीं? उधर, कपासन में गीत गाकर विधायकजी को वादे याद दिलाना युवक को भारी पड़ गया। किसी ने उसकी दोनों टांगें तोड़ दी। दौसा में जेल से निकले हिस्ट्रीशीटर ने लवाजमे के साथ जुलूस निकाल दिया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी सुनिए… 1. जयपुर में पूर्व मंत्रीजी ने माथा चूमा तो पिघल गए ‘सख्त’ नेताजी राजनेता बनने की रेसिपी अजब है। लोग नेता बनने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। कुछ लोग छात्र जीवन से ही तड़का लगाना सीख लेते हैं। आजकल छात्रों के चुनाव होना ही मुश्किल। तो नवांकुर क्या करें? ऐसे में एक नेताजी ने नया नुस्खा ईजाद किया। यह देगी मिर्च के तड़के से भी तीखा है। इस रेसिपी में अफसर को चांटा मारा जाता है। आंदोलन में बकरियों को मंच पर चढ़ाया जाता है। अपने समर्थकों पर ही लातें बरसाईं जाती हैं। नेता बनने की किताब का नया चैप्टर ‘गंगा-जमना’ भी है। इन्हें आंखों कब बहाया जाना चाहिए, इसके लिए भी समय और स्थान देखा जाता है। नेताजी ने सही समय और सही स्थान पर जमकर गंगा-जमना बहाई। पूर्व मंत्री हॉस्पिटल में हाल जानने आए थे। पूर्व मंत्रीजी ने माथा चूमकर बांध बनाने की कोशिश की। दुलारा और पुचकारा। लोगों के रुमाल निकल आए। नेताजी के न चाहते हुए भी आंसुओं को पोंछ डाला गया। अब लोगों में चर्चा है कि इनके मन की ‘गंगा’ और उनके मन की ‘जमना’ का संगम होगा कि नहीं। 2. चित्तौड़गढ़ में नेताजी को वादा याद दिलाया…टांगों से हाथ धो बैठा चित्तौड़ वीरों की धरती है। कपासन सूफी-संतों का शहर। यहां हंगामा मचा है। शहर के चौक-चौराहों पर भीड़ है। हो-हल्ला है। लोग गुस्से में हैं। इधर से सवाल उठता है- क्या विधायकजी को चुनावी वादे याद दिलाना कोई गुनाह है? दूसरी तरफ से सवाल पर सवाल आता है- बात क्या हुई। फिजां में तफसील से जवाब उमड़ने-घुमड़ने लगते हैं, जो इस प्रकार हैं- 20 साल के लड़के ने तालाब पर जाकर वीडियो बनाया था। विधायक जी ने तालाब में पानी लाने का वादा किया था। वे वादे को भूल गए थे। लड़के ने गीत गाकर याद दिलाया। कसूर क्रिएटिविटी का था। इसके बाद कुछ गुंडों ने लड़के के पैर तोड़ दिए। ताकि दोबारा वह तालाब की तरफ न जा सके। ‘बांस-बांसुरी’ वाला इलाज कर दिया। नेताजी ने भी वीडियो बनाकर बिना गीत गाए सफाई दे दी। कहा – ये राजनीतिक साजिश है। कुछ लोग छवि खराब करना चाहते हैं। नेताजी की छवि खराब करनी थी तो गुंडों ने सारा जोर गरीब बच्चे की टांगों पर ही क्यों लगाया? खैर, जांच चल रही है। लोग कहते हैं- पुलिस पर भी भरोसा नहीं। 3. भिवाड़ी में जेन-Z चोर का स्टंट..फिर ढंग से कुटाई जेन-Z के दिन बुरे चल रहे हैं। विधायकों को वादे याद दिलाओ तो टांगें टूट जाती हैं। जिनकी सलामत हैं वे भर्ती का रुख नहीं करते। पता नहीं कब पर्चा लीक हो जाए। चपरासी की नौकरी के लिए थैला-भर सर्टिफिकेट लेकर जेन-जी और सीनियर जेन-जी धक्के खा रहे हैं। ऐसे में चोरी-चकारी और चेन झपटने का धंधा जोरों पर है। नया धंधा शुरू करने के लिए खैरथल-तिजारा के भिवाड़ी में जय-वीरू ने खोटा सिक्का बेचकर औजार खरीदे। इसके बाद चोरी के लिए मुफीद लोकेशन की तलाश हुई। आशियाना नाम की मशहूर कॉलोनी को चुना गया। सब साहब लोग रहते हैं। अलवर में तो पंखे तक में सोना छुपाने वाले बैठे हैं। ऐसे में बड़ी उम्मीद से जय-वीरू कॉलोनी में घुस गए। वीरू किसी तरह एक फ्लैट की बालकनी तक पहुंच गया। जय चौकसी करता रहा। मगर बुरा हो मोबाइल वाली पड़ोसन का। वैसे भले ही अरोड़ा साहब का हाल-चाल न पूछे। लेकिन चोर को देख चौकीदार बन गई। हल्ला मचा-मचाकर पूरी कॉलोनी को सिर पर उठा लिया। फिर क्या था। जेन-Z चोर जान हथेली पर रखकर बालकनी से सीढ़ियों में कूद गया। नीचे गिरता तो जेन-जी का जी निकल जाता। खैर, अब तक सो रहे गार्ड भी मुस्तैद हो गए। पकड़ा और जमकर कूट दिया। झोले से निकालकर औजार भी रख लिए। पीट-पाटकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब इनका वही हाल न कर बैठे जो कपासन वाले जेन-Z का हुआ है। 4. चलते चलते… लाल साफा, काली शर्ट। गले में मालाओं का अंबार। कार का सन रूफ खोलकर भाईजी कमर पर एक हाथ टिकाकर ऐसे चले कि क्या नेता और क्या ही अभिनेता। आगे-आगे डीजे बजता चल रहा है। पीछे कारों का काफिला। काफिले की कारों पर भाईजी के समर्थक बंदरों की तरह खिड़की से लटके हुए हैं। दरवाजों पर खड़े हैं। छतों पर डंटे हैं। ऐसा ऐलान करते हुए चल रहे हैं कि हमारा आदर्श हमारे आगे चल रहा है और हम उसके अनुगामी हैं। यह सब हुआ दौसा के मेहंदीपुर बालाजी के बाजार में। भाईजी कोई धर्मगुरु, नेता या समाजसेवी नहीं हैं। मर्डर के मामले में 2 साल से जेल में थे। जमानत मिलने के बाद जेल से छूटे। बस इसी खुशी में डीजे बजाकर पूरे इलाके में ऐलान कर दिया है कि हम बाहर आ गए हैं। जान की खैर रखिएगा। हिस्ट्रीशीटर जलवा जलाल कर रहे हैं। खाकी वाले ट्रक वालों से भद्द पिटा रहे हैं। अब बालाजी की कुछ चमत्कार दिखा सकते हैं। ​​​​​ वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…