खाद्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे ‘गिव अप‘ अभियान के तहत जिले में अब तक 4260 परिवारों के 20853 सदस्यों ने खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम स्वेच्छा से हटवा लिया है तथा 1158 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। अपात्र लोग 28 फरवरी तक इस योजना से स्वेच्छा से नाम हटवा सकते हैं। जिला रसद अधिकारी मोहन लाल देव ने बताया कि अभियान के तहत सरकारी कार्मिक, आयकर दाता, एक लाख से अधिक वार्षिक आय, चार पहिया निजी वाहन वाले अपात्र श्रेणी के परिवारों को स्वेच्छा से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से नाम पृथक कराने के लिए 28 फरवरी तक अंतिम अवसर दिया है। उन्होंने बताया कि आवेदन प्रस्तुत कर अपना नाम एनएफएसए योजना से हटवा सकते हैं। यदि इसके बाद भी अपात्रता के श्रेणी में आने वाले परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम नहीं हटवाते हैं तो वसूली संबंधी कार्रवाई की जाएगी। डीएसओ ने बताया कि अपात्र परिवारों की जांच कर चिह्नित करने के लिए विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। अब क्षेत्रीय प्रवर्तन अधिकारी, निरीक्षक एवं उचित मूल्य दुकानदारों से समन्वय स्थापित कर सघन जांच की जा रही है। खाद्य विभाग जल्द ही परिवहन विभाग से चार पहिया निजी वाहन मालिकों का डाटा लेकर अपात्रों को चिन्हित करेगा। इसके बाद वसूली की प्रक्रिया शूरू होगी।