राजस्थान में निकाय चुनाव की तर्ज पर बीजेपी ने पंचायत चुनाव को लेकर भी संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) जारी किया है। प्रदेश भाजपा कार्यालय के नए सभागार में रविवार को सीएम भजनलाल शर्मा ने पार्टी संकल्प पत्र जारी किया। संकल्प पत्र में घोषणा की कि आगामी वर्षों में 25 लाख स्वामित्व कार्ड/पट्टे प्रदान किए जाएंगे। हर पंचायत में सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाए जाएंगे। एक हजार से ज्यादा आबादी वाले गांवों में पार्क-ओपन जिम बनेंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 3 हजार किमी से ज्यादा ग्रामीण सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। ग्राम विकास संकल्प पत्र में ये प्रमुख घोषणाएं… हर पंचायत स्तर पर बनाएंगे खेल का मैदान सीएम ने कहा- हम हर पंचायत स्तर पर खेल का मैदान विकसित करेंगे, जिसमें गांव के युवाओं को सभी खेलों की सुविधा मिलेगी। संकल्प पत्र में हमारा विजन है कि गांव के व्यक्ति को सुविधाओं के अभाव में शहर में नहीं आना पड़े। हम गांव में भी शहरों की तर्ज पर ही विकास करेंगे। उन्होंने कहा- पिछले कुछ सालों में गांवों से पलायन बढ़ा है, जिससे गांवों की जनसंख्या कम हुई है। आज शहर का दायरा 40 से 50 किलोमीटर बढ़ गया है। शहर में भी लोगों को एक से दूसरे स्थान पर जाने के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। अगर हम गांव में सुविधा देंगे तो गांव का व्यक्ति 100-150 किमी का सफर तय करके शहर नहीं आएगा। वह गांव की आबोहवा में ही रहना पसंद करेगा। सीएम बोले- विकास पर रहेगा फोकस सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि सबसे प्रमुख सुविधा शिक्षा और चिकित्सा की है। हमने तय किया है कि कितने किलोमीटर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होगा, कितने किलोमीटर पर बड़ा अस्पताल होगा। सीएम ने कहा- निकाय चुनाव में प्रदेश की जनता ने हमें अपना आशीर्वाद दिया है। पंचायत चुनावों में भी हम ग्राम विकास योजना के माध्यम से गांवों में बिजली, पानी, सड़क जैसे विषयों के विकास को लेकर जनता के बीच जाएंगे। मंच पर गिरे सोशल मीडिया संयोजक घोषणा पत्र जारी होने से पहले संगठन महामंत्री अजेय कुमार का स्वागत करने के लिए मंच पर आए सोशल मीडिया संयोजक हीरेन कौशिक फिसलकर गिर गए। अचानक हुई इस घटना से सभी चौंक गए। उनके गिरते ही मंच पर बैठे प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया और अन्य कार्यकर्ताओं ने उन्हें संभाला। बीजेपी ने करीब 2 घंटे बाद घोषणा पत्र किया सार्वजनिक बीजेपी ने घोषणा पत्र जारी करने के करीब 2 घंटे बाद इसे सार्वजनिक किया। बताया जा रहा है कि जो घोषणा पत्र छपकर आए थे, उसमें कुछ गलतियां रह गई थी। ऐसे में घोषणा पत्र जारी करने के बाद उसकी हार्ड कॉपी मीडियाकर्मियों और अन्य लोगों में नहीं बांटी गई। जबकि निकाय चुनाव के समय घोषणा पत्र जारी होने के साथ ही कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को उसकी कॉपी बांट दी गई थी।
