पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के वसुंधरा राजे को लेकर दिए बयानों को लेकर तल्ख अंदाज में पलटवार किया। गहलोत ने कहा- वसुंधरा राजे को जवाब देने या सफाई देने की आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि लोग समझते हैं कि उनकी भावना क्या थी, उन्होंने किस संदर्भ में बात कही थी। गहलोत ने कहा- राजे ने अनावश्यक टिप्पणियां की। हालांकि यह उनकी अपनी मर्जी है। वसुंधरा राजे कुछ कह रही हैं, मदन राठौड़ कुछ और कह रहे हैं। यह उनकी पार्टी की स्थिति है। गहलोत ने कहा- ये लोग हम पर आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस में झगड़े हैं, लेकिन वास्तविक दुर्गति तो इनकी हो रही है। आप खुद देख रहे हैं कि कौन क्या बोल रहा है। इनकी स्थिति सड़कों पर आ गई है। जिस प्रकार से बीजेपी अध्यक्ष बोलते हैं, उनकी बोलने और व्यवहार में एक अलग ही एप्रोच है। व्यक्तिगत रूप से वे अच्छे और व्यवहारिक व्यक्ति हैं। हमारे उनसे अच्छे संबंध हैं, लेकिन जब पार्टी का दबाव होता है तो पता नहीं वे क्या बोल जाएं, ऐसी स्थिति बन जाती है। गहलोत ने कहा- यहां परंपरा रही है कि सरकारें वन बाय वन बदलती हैं। अगली बार कांग्रेस ही आएगी। ऐसी टिप्पणी पीएम मोदी या बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए छोड़नी थी
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा- चाहे टिप्पणी हमारे बारे में हो या वसुंधरा राजे के बारे में हो। क्या कोई पीसीसी अध्यक्ष या बीजेपी अध्यक्ष इस तरह कहता है कि वसुंधरा राजे ही बार-बार मुख्यमंत्री बनेंगी क्या? ऐसी टिप्पणी कम से कम पीएम मोदी के लिए छोड़नी चाहिए थी या फिर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को करनी चाहिए थी। गहलोत ने कहा- खैर, यह उनकी पार्टी का मामला है, हम क्या कर सकते हैं? हम पर आरोप लगते थे कांग्रेस में झगड़े हैं, वास्तविक दुर्गति बीजेपी की हो रही
गहलोत ने कहा- वसुंधराजी को जवाब देने या सफाई देने की आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि लोग समझते हैं कि उनकी भावना क्या थी और उन्होंने किस संदर्भ में बात कही थी। अनावश्यक टिप्पणियां की गईं। हालांकि, यह उनकी अपनी मर्जी है। वसुंधरा राजे कुछ कह रही हैं, मदन राठौड़ कुछ और कह रहे हैं यह उनकी पार्टी की स्थिति है। ये लोग हम पर आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस में झगड़े हैं, लेकिन वास्तविक दुर्गति तो इनकी हो रही है। आप खुद देख रहे हैं कि कौन क्या बोल रहा है। इनकी स्थिति सड़कों पर आ गई है। कहा- ईरान युद्ध में मध्यस्थता भारत को करनी चाहिए थी
यूएस-इजराइल और ईरान युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर मदन राठौड़ के गहलोत पर ​पाकिस्तान का पक्ष लेने के आरोप पर पलटवार किया। गहलोत ने कहा- कुछ लोग संदर्भ को पढ़ते नहीं हैं। मैंने कहा था कि हमने दुनिया के सामने एक अवसर गंवा दिया। मध्यस्थता करने का काम हिंदुस्तान को करना चाहिए था। दुनिया में भारत का एक अलग ही आभामंडल (ओरा) है। हमारा देश शांति, भाईचारे और अहिंसा की बात करने वाला देश है। आतंकवाद बढ़ाने वाला देश शांति स्थापित करने की बात करे तो दुख होता है
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा- दुनिया के कई देश उम्मीद कर रहे थे कि भारत आगे आकर अपील करेगा और मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू कराने का प्रयास करेगा। इसके बजाय पाकिस्तान जैसे देश की चर्चा होने लगी, जिसे आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। जब वही देश शांति स्थापित करने की बात करता है, तो स्वाभाविक रूप से भारतीयों को दुख होता है। मैंने वही दुख प्रकट किया था। यदि मदन राठौड़ मेरे इस भाव को नहीं समझ पा रहे हैं, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। गहलोत ने कहा- आप बताइए, पाकिस्तान की क्या स्थिति है? इंदिरा गांधी के समय उसके दो टुकड़े हो गए थे। क्या वह कुछ कर पाया? फिर भी आज दुनिया में चर्चा हो रही है कि पाकिस्तान शांति की बात कर रहा है। आज जब इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति से पूरी दुनिया प्रभावित और चिंतित है, तो जो भी देश शांति की बात करेगा, लोग उसकी ओर देखेंगे। इस समय दुनिया के कई देश इस्लामाबाद की ओर देख रहे हैं कि वहां क्या निर्णय होगा। मेरी बात केवल इतनी थी कि वह स्थिति भारत की होनी चाहिए थी। मेरा मतलब ये था।
यह खबर भी पढ़ें… मदन राठौड़ बोले- वसुंधरा जी के सब काम हो रहे:वे आज भी पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, हर बार कोई मुख्यमंत्री थोड़े भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के एक बयान पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा- ऐसा नहीं है कि वसुंधरा राजे के काम नहीं हो पा रहे हैं। उनके हर काम हो रहे हैं। हर बार कोई मुख्यमंत्री थोड़े… किसको क्या मिलना है..। राठौड़ ने बीकानेर में 11 अप्रैल को मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने एक कहावत का भी जिक्र किया। कहा- ‘चिट्‌ठी चूर-चूर करे, मांगे दाल और घी, मोदी सु कुण झगड़ो करे, चिट्‌ठी खानी नाळ।’ (पूरी खबर पढ़ें)